मुरादाबाद में आदमखोर तेंदुए की दहशत, 24 घंटे में दूसरी बच्ची पर किया हमला; मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक आदमखोर तेंदुए का आतंक है. बीते 24 घंटे में तेंदुए ने दो मासूम बच्चियों पर हमला किया है, जिससे एक बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. ग्रामीण वन विभाग से तत्काल तेंदुए को पकड़ने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग रातभर लाठी-डंडों के साथ पहरा दे रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में इस समय आदमखोर तेंदुए की दहशत है. इस आदमखोर ने बीते 24 घंटे के अंदर दूसरी बच्ची का शिकार किया है. दबे पांव घर में घुसे तेंदुए ने अचानक से दो साल की मासूम बच्चे की खोपड़ी अपने जबड़े में पकड़ ली और घसीटते हुए पास के गन्ने के खेत में घुस गया. गनीमत रही कि परिजनों को समय रहते पता चला गया. इसके बाद हल्ला मचाते हुए लोग गन्ने के खेत में घुसे तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया.
फिलहाल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक है. मामला मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में मिश्रीपुर का है. अभी 24 घंटे पहले ही इस तेंदुए ने महदूद कलमी गांव में भी दो वर्षीय मासूम बच्ची सिदरा नूर पर घर में घुसकर हमला किया था. महज 24 घंटे के अंदर हुई इन दो घटनाओं से लोगों की नींद उड़ गई है. प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है. इस बीच लोग खुद हाथों में लाठी लेकर रात-रात भर पहरा दे रहे हैं.
आंगन में लेटी थी मासूम
मिश्रीपुर में रहने वाले अवनीश कुमार ने बताया कि वह काम से लौटे ही थे कि आंगन में सोई अपनी बेटी की चीखें सुनाई दी. दौड़कर पहुंचे तो देखा कि तेंदुआ उनकी बेटी को जबड़े में दबाकर भाग रहा है. उन्होंने शोर मचाया तो पास पड़ोस के लोग भी लाठी डंडा लेकर आ गए. इसके बाद खेत में घेराबंदी की गई. ऐसे में तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया. इतने में सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंची और कई घंटे तक आसपास के खेतों में कांबिंग की गई, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला.
बच्ची की हालत गंभीर
अवनीश कुमार ने बताया कि उन्होंने तुरंत बच्ची को उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने बच्ची की हालत नाजुक बताई है. जिला अस्पताल के डॉक्टर सुंदर कुमार पाल के मुताबिक इस बच्ची को सीएचसी कांठ से रेफर कराकर लाया गया है. उसके सिर में गहरे जख्म हैं. फिलहाल उसे प्राथमिक उपचार और सीरम एंटी-रेबीज (ARS) दिया गया है. सिर की चोटें काफी संवेदनशील और खतरनाक हैं, इसलिए सर्जन को इमरजेंसी कॉल की गई है.
