पूर्वा एक्सप्रेस में बवाल, पुलिसवालों को फर्जी बताकर दो युवकों ने की मारपीट

पूर्वा एक्सप्रेस में दो युवकों ने पुलिस कर्मियों को “फर्जी पुलिस” बताते हुए उनके साथ मारपीट की. इतना ही नहीं, एक पुलिसकर्मी की नेम प्लेट भी तोड़ दी और पूरी घटना का वीडियो बनाकर हंगामा खड़ा करने की कोशिश की.

फिरोजाबाद में ट्रेन में पुलिस वालेों से मारपीट

फिरोजाबाद ट्रेन में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता और मारपीट करने के मामले में जीआरपी टूण्डला ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12303 पूर्वा एक्सप्रेस में 30 मार्च 2026 को हैडकांस्टेबल मनोज कुमार और हेड कांस्टेबल इमरान मलिक कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली तक एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात थे. ड्यूटी के दौरान दोनों पुलिसकर्मी कोचों में गश्त करते हुए पीछे के डिब्बों तक पहुंचे.

एस-1 आरक्षित कोच में जनरल टिकट वाले यात्रियों की भारी भीड़ थी. इससे आरक्षित सीट वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसी दौरान ट्रेन में मौजूद टीटीई ने स्कॉर्ट पुलिसकर्मियों से मदद मांगी. पुलिसकर्मियों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करते हुए जनरल टिकट यात्रियों को उनके निर्धारित कोच में जाने के लिए कहा गया. इसी बात पर दो यात्रियों ने अपना आपा खो दिया और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी.

फर्जी पुलिस का आरोप लगाकर पीटा

आरोप है कि दोनों ने पुलिसकर्मियों को “फर्जी पुलिस” बताते हुए उनके साथ मारपीट की. इतना ही नहीं, एक पुलिसकर्मी की नेम प्लेट भी तोड़ दी और पूरी घटना का वीडियो बनाकर हंगामा खड़ा करने की कोशिश की. वहीं, ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया. इसमें आरोपियों द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अभद्र व्यवहार साफ नजर आ रहा है.

दोनों युवकों को जेल भेजा गया

इस मामले में हेड कांस्टेबल मनोज कुमार की तहरीर पर जीआरपी थाना टूण्डला में मुकदमा संख्या 17/2026 दर्ज किया गया. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं सहित रेलवे एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी गुलबहार निवासी नाजीपुरा, थाना कोतवाली मुजफ्फरनगर और संजय यादव निवासी बसारीपुर, थाना चंदौली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया. यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया. जीआरपी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में ड्यूटी कर रहे सुरक्षाकर्मियों के साथ अभद्रता, मारपीट या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

Follow Us