25 दिन और 4 मौतें… घर के आंगन से दिव्यांग को घसीट ले गया नरभक्षी, गांव के बाहर मिला शव
मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक जारी है, बाहपुर बलिया गांव में एक दिव्यांग युवक जगराज को घर से घसीटकर मार डाला. 25 दिनों में यह चौथी मौत है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है. लोग वन विभाग पर निष्क्रियता और खानापूर्ति के आरोप लगा रहे हैं. अब स्थानीय लोगों ने प्रभावी कार्रवाई की मांग की है. ना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में नरभक्षी तेंदुए का खौफ बदस्तूर कायम है. ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के बाहपुर बलिया गांव में शुक्रवार की रात भी इस तेंदुए ने एक दिव्यांग का शिकार किया है. यह दिव्यांग रात में अपने झोपड़ीनुमा घर में सो रहा था. इतने में पैर दबाकर झोपड़ी में घुसा तेंदुआ उसकी गर्दन को दबोच लिया और घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया. शनिवार की सुबह गांव के बहार उसका अधखाया शव मिला है. शव पर तेंदुए के पंजों और दांतों के गहरे निशान मिले हैं.
मृतक की पहचान इसी गांव में रहने वाले 35 वर्षीय दिव्यांग युवक जगराज के रूप में हुई है. इस घटना की खबर से गांव में ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई है. गुस्साए ग्रामीणों का सब्र अब टूट चुका है. स्थानीय लोगों के मुताबिक बीते 25 दिनों में तेंदुए के हमले में यह चौथी मौत है. महज तीन दिन पहले भी इसी गांव में खेत में काम कर रही एक महिला पर तेंदुए ने जानलेवा हमला किया था. लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं.
वन विभाग पर खानापूर्ति के आरोप
लोगों का आरोप है कि प्रशासन पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है. इससे इलाके में इंसानी जिंदगी पूरी तरह खतरे में पड़ गई है. खासतौर पर गरीब परिवार तेंदुए के शिकार हो रहे हैं. इस मामले में गांव की मुख्य आबादी से दूर बनी एक कच्ची झोपड़ी में जगराज अपने परिवार के साथ रहता था, बेहद गरीब होने के कारण उसके पास अपने घर में एक मजबूत दरवाजा लगवाने तक के पैसे नहीं थे. इलाके में तेंदुओं के बढ़ते खौफ को देखते हुए उसे अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता हमेशा सताती थी, लेकिन आर्थिक तंगी के आगे वह बेबस था.
25 दिनों में हुईं 4 मौतें
बलिया गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुओं के लगातार हमलों से स्थिति बेहद विस्फोटक हो चुकी है. महज़ 25 दिनों में चार बेगुनाह लोगों की जान जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है. लोगों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी वन विभाग तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने या पकड़ने के लिए कोई असरदार अभियान नहीं चला रहा है. गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तेंदुए को पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है टीमें लगातार काम कर रहीं हैं.