‘विदेशी मेहमानों’ का घर बनेगा इंटरनेशनल बर्ड वॉचिंग हब, दिल्ली हाइवे से दिखेगा खूबसूरत नजारा
मुरादाबाद का मोढ़ा तैया वेटलैंड अंतरराष्ट्रीय बर्ड वॉचिंग हब बनने को तैयार है. जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर यह 10 हेक्टेयर आर्द्रभूमि इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगी. सर्दियों में यहां मध्य एशिया से 24 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आते हैं. यहां रनवे, वॉच टॉवर और टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह पश्चिमी यूपी का सर्वश्रेष्ठ बर्ड-वॉचिंग केंद्र बनेगा.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित ‘मोढ़ा तैया’ वेटलैंड जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी अनूठी पहचान बनाने जा रहा है. मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने कांठ तहसील क्षेत्र में आने वाले इस रमणीक स्थान को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा है. इसमें इसे एक बेहतरीन इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन सेंटर के रूप में विकसित करने की बात कही गई है. दिल्ली हाईवे के बेहद नजदीक यह 10 हेक्टेयर का आर्द्रभूमि (वेटलैंड) क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है.
खासतौर पर सर्दियों में यहां आने वाली हजारों की तादात में विदेशी पक्षियां भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती हैं. यहां हर साल शीतकाल में सेंट्रल एशिया, साइबेरिया, मंगोलिया, कजाकिस्तान और तिब्बत जैसे सुदूर देशों से हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके करीब 24 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी यहां डेरा डालते हैं. इनमें मुख्य रूप से ग्रे लैग गूज़, गार्गेनी, गाडवाल और कॉमन टील जैसी अत्यंत दुर्लभ और खूबसूरत प्रजातियां शामिल हैं. जो इस इलाके को जैव-विविधता का एक समृद्ध केंद्र बनाती हैं.
नाम के अनुरूप बनेगा स्थान
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने इस स्थल का दूसरी बार स्थलीय निरीक्षण कर इसकी भौगोलिक और पर्यटन क्षमताओं को परखा है. ‘मोढ़ा’ का संस्कृत में अर्थ प्रसन्नता और ‘तैया’ का अर्थ नम भूमि होता है. इसका पूरा मतलब है ऐसी आर्द्रभूमि, जहां आकर मन आनंदित हो जाए. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस स्थान को इस तरह संरक्षित और विकसित करना है कि यह न केवल दिल्ली और आसपास के पर्यटकों को आकर्षित करे, बल्कि पक्षी प्रेमियों (बर्ड वॉचर्स) के लिए भी देश-विदेश में एक बड़ा केंद्र बनकर उभरे.
ये होंगी सुविधाएं
डीएम ने शासन को भेजे प्रस्ताव में बताया है कि इस वेटलैंड पर विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए रनवे, वॉच टॉवर और टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर समेत अन्य विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी. विदेशी पक्षियों के इस पसंदीदा ठिकाने को पर्यटन के लिहाज से वैश्विक स्तर का बनाने के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. डीएम ने बताया कि वेटलैंड के चारों तरफ एक विशेष रनवे विकसित किया जाएगा. इसपर पर्यटक साइकिलिंग और रनिंग करते हुए इस खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य और दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे.
वॉच टॉवर से भी दिखेगा नजारा
डीएम के मुताबिक पर्यटन विभाग के सहयोग से यहां एक अत्याधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (TFC), वॉच टॉवर और नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही, पर्यटकों की सुविधा के लिए बीज भंडार निगम के सामने पार्किंग स्थल और क्षेत्र में विशेष साइनेजेस (दिशा-सूचक बोर्ड) लगाए जाएंगे. ‘मोढ़ा तैया’ झील की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां विदेशी पक्षियों के कलरव के बीच बड़े पैमाने पर खिले हुए कमल के फूल दिखाई देते हैं, जो दिल्ली तक भेजे जाते हैं.
बनेगा सर्वश्रेष्ठ बर्ड-वॉचिंग डेस्टिनेशन
डीएम ने बताया कि होमस्टे, बुनियादी ढांचे के विस्तार और प्राकृतिक संरक्षण के प्रयासों से ‘मोढ़ा तैया’ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ बर्ड-वॉचिंग डेस्टिनेशन बनाया जाएगा. स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है. जिसके तहत गांव के भीतर चार होमस्टे भी तैयार किए गए हैं. इससे पहले मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने यहां पर्यटकों के बैठने के लिए घाट का निर्माण कराया था. वहीं जिला पंचायत द्वारा 300 मीटर लंबी सड़क भी बनाई जा चुकी है.
