स्कूल में मासूम बेटी को मच्छर ने काटा तो भड़के US रिटर्न वैज्ञानिक पिता, DM को भेजीं तस्वीरें
मोरादाबाद के एक निजी स्कूल में मासूम बच्ची को मच्छर काटने पर उसके वैज्ञानिक पिता ने मोर्चा खोल दिया है. अमेरिका रिटर्न पिता ने स्कूल परिसर में स्वच्छता की कमी और बच्चों के स्वास्थ्य जोखिम पर गंभीर सवाल उठाए. साथ ही डीएम को फोटो भेजकर शिकायत की है. वहीं, प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए फॉगिंग के निर्देश दिए हैं.
मुरादाबाद में एक नामचीन निजी स्कूल की लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां एलकेजी में पढ़ने वाली मासूम छात्रा को स्कूल परिसर में बार-बार मच्छरों ने काट लिया. बच्ची के शरीर पर मच्छरों के डंक के निशान देखकर उसके पिता और अमेरिका में करीब आठ साल तक न्यूरोसाइंटिस्ट के तौर पर काम कर चुके डॉ. सोनू सिंह ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
वैज्ञानिक डॉ. सोनू सिंह ने इसकी तस्वीरें जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को ई-मेल के जरिए भेजकर मामले की शिकायत की है. मेल में कहना है कि पहली बार स्कूल डायरी के माध्यम से प्रबंधन को बच्ची को मच्छर काटने की शिकायत दी थी, लेकिन मच्छरों के रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. कुछ समय बाद बच्ची को फिर मच्छरों ने काट लिया.
फीस पूरी तो सुरक्षा भी पूरी चाहिए- पिता
छात्रा के पिता ने शिकायत में कहा कि यह सिर्फ मच्छर काटने की मामूली घटना नहीं है. स्कूल में छोटे बच्चे कई घंटे बिताते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है. मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है, ऐसे में स्कूल परिसर में नियमित साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था होना जरूरी है.
उनका कहना है कि वे विद्यालय प्रबंधन को भारी-भरकम शुल्क का भुगतान केवल किताबी ज्ञान के लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक कल्याण की पूर्ण सुरक्षा की आशा में करते हैं. पहली शिकायत के बाद भी कोई निरोधात्मक कदम न उठाया जाना प्रबंधन की आपराधिक उपेक्षा को प्रदर्शित करता है.
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
इस पूरे मामले ने निजी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता मानकों और प्रबंधन की व्यावसायिक मानसिकता की पोल खोलकर रख दी है. वहीं, मामला जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान लिया. जिला विद्यालय निरीक्षक ऋतु तोमर ने स्कूलों में स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण व्यवस्था को लेकर कार्रवाई शुरू कराई है.
उन्होंने बताया कि विद्यालयों में नियमित सफाई और मच्छर नियंत्रण के निर्देश पहले से जारी हैं. निजी स्कूलों को भी अपने परिसर में आवश्यक इंतजाम करने होते हैं. इसके साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर जिले के शैक्षणिक संस्थानों के आसपास फॉगिंग कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि खतरे को समय रहते रोका जा सके.