कन्नौज में बच्चों के प्रदर्शन पर FIR, मंत्री असीम अरुण बोले- बिस्किट-टॉफी देकर कराया हंगामा

कन्नौज के गुगरापुर PMश्री विद्यालय में बच्चों के प्रदर्शन मामले में FIR दर्ज की गई है. मंत्री असीम अरुण ने इसे बच्चों को बिस्किट-टॉफी देकर बहलाकर की गई 'साजिश' बताया है, जिसका मकसद सरकार को बदनाम करना था. मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

यूपी सरकार में मंत्री असीम अरुण Image Credit:

कन्नौज के गुगरापुर स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाचार्य के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामले में अब FIR दर्ज होने के बाद प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में बच्चों को उकसाकर विरोध प्रदर्शन कराने की बात सामने आई है.

मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विकसित भारत में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपनी आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन मासूम बच्चों को उकसाकर किसी प्रदर्शन में शामिल कराना किसी भी सूरत में उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि बच्चों को इस तरह के मामलों में इस्तेमाल करना गंभीर विषय है और ऐसा कृत्य माफ करने योग्य नहीं है.

बच्चों को बिस्किट-टॉफी देकर कराया प्रदर्शन

यूपी के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. जांच में यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. साथ ही मंत्री ने कहा कि विद्यालय से जुड़ी जो भी वास्तविक समस्याएं हैं, उन्हें भी गंभीरता से लिया जाएगा और उनका समाधान कराया जाएगा.

उन्होंने इसे बच्चों को बिस्किट-टॉफी देकर बहलाकर की गई ‘साजिश’ बताया है, जिसका मकसद सरकार को बदनाम करना था. वहीं, मामले में अज्ञात पर बीएनएस की धारा 189(2), 49, 54 और 57 में मुकदमा दर्ज किया गया है. मंत्री ने दर्ज हुई एफआईआर में आरोपियों की पहचान कर काल डिटेल निकालकर कठोर कारवाही करने की बात कही है.

वीडियों में अभिभावक नहीं, गांव के अराजक तत्व

दरअसल, 20 अगस्त को पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर में इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेन्द्र सक्सेना के विरुद्ध छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की थी. आक्रोशित स्टूडेंट और परिजनों ने स्कूल का बहिष्कार करते हुए राकेन्द्र सक्सेना की गाड़ी का घेराव किया. साथ ही भेदभाव अभ्रदता और छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए थे.

राकेन्द्र सक्सेना का कहना है कि मेरे खिलाफ बच्चों से प्रदर्शन कराया गया. वीडियों में जो अभिभावक बनकर दिखाये गये है वह गांव के अराजक तत्व है. फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है. जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए उकसाने के पीछे कौन था. वहीं सरकार ने विद्यालय की समस्याओं का समाधान कराने का भी भरोसा दिलाया है.

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