कोरोना के बाद स्वाइन फ्लू की दहशत! गहराया जानलेवा वायरस का खतरा, पॉजिटिव मिले 8 मरीज

कोरोना महामारी के बाद अब मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू की दहशत बढ़ गई है, जहां अब तक 8 मरीज सामने आ चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है और होम आइसोलेशन व अस्पताल में इलाज जारी है. डॉक्टरों ने इसके लक्षण बताते हुए तेज बुखार, गले में खराश जैसे लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाने की सलाह दी है. लोगों को भीड़ से बचने, मास्क पहनने और हाथ धोते रहने की सलाह दी जा रही है.

मुरादाबाद में गहराया स्वाइन फ्लू का खतरा

कोरोना महामारी के बाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अब स्वाइन फ्लू की दहशत देखने को मिल रही है. इस बीमारी का प्रकोप तेजी से फैलता नजर आ रहा है. इससे आम लोगों ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है. जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 8 मरीज सामने आ चुके हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने इसकी पुष्टि की. कहा कि इनमें से 5 मरीजों को उनके घरों पर ही होम आइसोलेशन में रखा गया है.

वहीं बाकी 3 मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से दो मरीज एशियन विवेकानंद अस्पताल में हैं तो तीसरा मरीज साईं अस्पताल में भर्ती है. राहत की बात है कि इस सीजन की सबसे पहली मरीज पूजा शर्मा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी हैं. वहीं बाकी मरीजों की स्थिति भी सामान्य है. हालांकि इन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. बीमारी की गंभीरता को देखते हुए शासन ने पूरे जिले को अलर्ट पर रखा है.

क्या हैं लक्षण

सीएमओ के अनुसार स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, गले में अत्यधिक खराश, शरीर व जोड़ों में तेज दर्द और उल्टी होना शामिल है. इससे बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, मास्क पहनने और बार-बार हाथ धोने की सलाह दी गई है. विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कैंसर, शुगर, लिवर व हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से दूर रखने की अपील की गई है.

CHC तक पहुंची दवाएं

स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है. शासन के निर्देशों के तहत संभावित मरीजों की त्वरित टेस्टिंग और उनके पृथक इलाज की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है. जिला अस्पताल में चार दिन पहले ही स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित कर दिए गए हैं. इसके अलावा, इलाज में इस्तेमाल होने वाली मुख्य दवा ‘ऑसाल्टामिविर’ (Oseltamivir) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. पहले यह दवा केवल जिला अस्पताल तक सीमित थी, लेकिन नई गाइडलाइंस के बाद अब इसे जनपद की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) तक पहुंचाया जा रहा है.

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