‘उसने मजबूरी को बेवफाई समझा…’ पति की चीखें सुन दहल उठा गांव, कातिल बीवी ने ली थी बेटों की जान

गाजीपुर में पति की मजबूरी को बेवफाई मानकर पत्नी ने अपने दो मासूम बेटों की निर्मम हत्या कर दी. पति अर्जुन राजभर दूर शहरों में परिवार के लिए पसीना बहाता रहा, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते जब वह एक बार पैसे नहीं भेज पाया तो पत्नी को उसकी दूसरी शादी का शक हो गया. इस खौफनाक शक ने दो जिंदगियां लील लीं. गांव लौटने पर उसकी चीखें सुनकर पूरा गांव दहल गया.

कातिल बीवी की करतूत सुन चींख उठा पति

पत्नी और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक पिता घर-गांव छोड़कर हजारों किलोमीटर दूर पसीना बहाता रहा, इधर, उसके परिवार को शक की एक ऐसी आग ने जला दिया, जिसकी तपिश अब जिंदगी भर महसूस होगी. गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र में दो मासूम बेटों की निर्मम हत्या के बाद जब उनका पिता अर्जुन राजभर गांव पहुंचा तो अपने बच्चों की मौत का मंजर देखकर फफक पड़ा. उसकी चीखें सुनकर पूरा गांव दहल उठा. उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे.

जुबां पर बार-बार यही दुहाई दे रहा था कि “ उसकी दूसरी शादी नहीं हुई थी… वो तो रात-दिन पत्नी, बेटे और बेटी के लिए कमाता रहा.” लेकिन उसकी दुहाई सुनने वाला कोई नहीं था, बच्चों की मौत के बाद पत्नी जेल में थी. अर्जुन पहले मुंबई में टैंकर की पेंटिंग का काम करता था. करीब चार महीने पहले काम छूट गया तो वह रोजी-रोटी की तलाश में ओडिशा चला गया. इस दौरान आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई और वह पहले की तरह घर पर पैसे नहीं भेज सका. इससे उसकी पत्नी पूजा के मन में शक पैदा हो गया.

मजबूरी में दिखी बेवफाई

अर्जुन के मुताबिक, पत्नी को यह शक हो गया था कि उसने मुंबई में दूसरी शादी कर ली है और वह किसी दूसरी महिला के साथ रह रहा है. धीरे-धीरे यह शक इतना गहरा हो गया कि उसे पति की मजबूरी भी बेवफाई नजर आने लगी. आखिरकार इसी शक के साये में पूजा ने अपने ही दो बेटों की जान ले ली. जबकि उसने हमेशा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना देखा था. वह उनकी पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था और हर महीने करीब 12 हजार रुपये की फीस देता था.

पत्नी के बनवाए थे जेवर

अर्जुन के मुताबिक उसने परिवार को खुश रखने के लिए अपनी क्षमता से बढ़कर कोशिश की. मां-बाप के लिए छोटा मकान बनवाया तो पत्नी के लिए पास में ही दो मंजिला मकान भी बनवाया. करीब 12 लाख रुपये के जेवर बनवाए. यहां तक कि पिछली बार घर आने पर पत्नी का बीमा भी कराया. इतना करने के बाद उसकी जिंदगी में सबसे बड़ा खालीपन उसके दोनों बेटों की मौत ने पैदा कर दिया है. अर्जुन के मुताबिक घटना से करीब एक सप्ताह पहले उसकी पत्नी अपने ननिहाल गई थी. वापस लौटने के बाद वह खाली हाथ घर आई. अर्जुन गांव पहुंचा और उसने घर में रखे सामान चेक किया तो उसे पत्नी के जेवरात भी नहीं मिले.

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