60 हजार के विवाद में मोबाइल दुकानदार का अपहरण, थार में बैठाकर 4 घंटे तक घुमाया
मुरादाबाद में सरेआम गुंडागर्दी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बदमाशों ने एक मोबाइल दुकानदार को दिनदहाड़े थार कार से फिल्मी स्टाइल में अपहरण कर लिया. फिर चार घंटे तक उसे जंगलों में घुमाया गया. हालांकि, बाद में पुलिस की तत्परता से दुकानदार को सकुशल बरामद कर लिया गया.
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में एक मोबाइल दुकानदार के दिनदहाड़े अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. घटना स्योहारा बस स्टैंड के पास स्थित एक मोबाइल दुकान की है, जहां कुछ लोग थार गाड़ी से पहुंचे और दुकानदार को जबरन अपने साथ ले गए. फिर बदमाशों ने चार घंटे तक उसे जंगलों में घुमाता रहा.
यह पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक काले रंग की थार कार आकर दुकान के सामने रुकती है, जिसमें से करीब 6 से 7 युवक नीचे उतरते हैं. दबंग युवक सीधे दुकान में घुसकर दुकानदार के साथ बेरहमी से मारपीट करते हैं और उसे जबरन थार में डालकर फरार हो जाते हैं.
पुलिस ने महज 4-5 घंटे के भीतर किया बरामद
जानकारी के मुताबकि, मोबाइल दुकानदार का नाम अख्तर अली है. अपहरण की घटना के तुरंत बाद पीड़ित की पत्नी शबनम जहां ने कोतवाली ठाकुरद्वारा पहुंचकर पुलिस को लिखित तहरीर दी और अपने पति की जान का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की मांग की गई. पुलिस तुरंत एक्शन में आई और अलग-अलग टीमें बनाकर सघन चेकिंग शुरू कर दी.
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 4 से 5 घंटे के भीतर ही पीड़ित अख्तर अली को दबंगो के चंगुल से सकुशल बरामद कर लिया. इस दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय बाजार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है. बताया जा रहा है कि पैसे के लेनदेन चलते यह पूरा विवाद सामने आया है.
बरामदगी के बाद अख्तर अली ने क्या कहा?
बरामदगी के बाद अख्तर अली ने आरोप लगाया कि उन्हें जुनैद और नदीम नाम के व्यक्ति अन्य बदमाशों के साथ जबरन गाड़ी में बैठाकर कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर घुमाया. आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन बंद कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी. साथ ही उनकी सोने की अंगूठी और कुछ नकदी भी छीन ली गई.
घटना के पीछे की असल वजह 60,000 रुपये
इस पूरे सनसनीखेज मामले को लेकर जब थाना प्रभारी ठाकुरद्वारा से विस्तृत जानकारी ली गई, तो घटना के पीछे की असल वजह सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, यह मामला पूरी तरह से पैसों के आपसी लेनदेन के विवाद से जुड़ा हुआ है. जांच में पता चला है कि अख्तर अली ने एक व्यक्ति को ₹60,000 रुपये दिलाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.
जब इस रकम को वापस मांगा गया, तो संबंधित व्यक्ति ने पैसे देने में आनाकानी की, जिसके चलते दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया था. पुलिस वायरल सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में जाच कर रही है. दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर गहनता से पूछताछ कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में कार्यवाही अमल में लाई जा रही है.
