4 दिन से लापता था घर का इकलौता चिराग, अब खुले नाले में मिला शव…उठ रहे कई सवाल
मुरादाबाद में एक युवक 30 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था. परिजनों को लगा कि वह बुकिंग पर कार चलाने गया होगा. लेकिन अब 4 दिन बाद युवक का शव एक खुले नाले में मिला. मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है.
मुरादाबाद जनपद से मझोला थाना इलाके के श्री राम चौक के पास नाले में एक शव मिला है. मृतक की पहचान सिविल लाइंस इलाके के रामगंगा विहार, केसरी कुंज कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय अमन उर्फ विक्की का के रूप में हुई है. पेशे से कार चालक अमन बीते 30 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता था. परिजनों ने पुलिस को बताया कि जब वह घर से निकला, तो उन्हें लगा कि वह बुकिंग पर कार चलाने गया होगा, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण उससे संपर्क नहीं हो पाया था.
सोमवार यानी 04 मई को सुबह करीब 10 बजे राहगीरों ने नाले में एक अज्ञात शव देखा था. इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई थ. मौके पर पहुंची मझोला पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए गए है. जब मृतक की जेब की तलाशी ली गई थी, तो उसमें मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी शिनाख्त अमन उर्फ विक्की के रूप में हुई है.
इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया. मझोला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, जिसकी रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है. इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं. मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार को विश्वास नहीं हो रहा कि उनके घर का इकलौता
घर का इकलौता कमाने वाला शख्स था मृतक
मृतक अमन के पिता अशोक ने बताया कि अमन ही घर का इकलौता सहारा और कमाने वाला सदस्य था. परिवार में उसकी मां राजेश्वरी और दो बहनें निशा व निशू हैं.उनकी तबीयत अक्सर खराब रहती है. ऐसे में पूरे घर की जिम्मेदारी अमन के कंधों पर ही थी. 30 अप्रैल को घर से निकलते समय किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी विदाई होगी. चार दिनों तक लापता रहने के बाद जब उसका शव नाले से मिला.
मुरादाबाद में कई जगहों पर खुले पड़े है नाले
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुरादाबाद जनपद में खुले पड़े नाले आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं. श्री राम चौक के पास जिस नाले में अमन का शव मिला, वह भी असुरक्षित स्थिति में था. केवल यही नहीं, शहर के कई अन्य इलाकों में भी बड़े और गहरे नाले बिना किसी घेराबंदी या कवर के खुले पड़े हैं.ये नाले अंधेरे में राहगीरों के लिए जानलेवा साबित होते हैं. यदि प्रशासन ने समय रहते इन खुले नालों को ढकने या सुरक्षा मानक अपनाने पर ध्यान दिया होता, तो शायद एक परिवार का चिराग बुझने से बच जाता.