पगडंडियों तक पर पहरा, सिक्योरिटी चेक के बाद एंट्री… नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट
नेपाल के नए नियम के बाद श्रावस्ती सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में है. क्षेत्रों में गहन जांच, संयुक्त पेट्रोलिंग और दस्तावेज़ों की अनिवार्यता मजबूत की गई है. इसके अलावा, मुख्य मार्गों, पगडंडियों और जंगलों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
उत्तर प्रदेश में श्रावस्ती सहित नेपाल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. अब नेपाल से आवाजाही बिल्कुल भी आसान नहीं होगा. सीमा पार करने वाले हर एक शख्स की गहनता से जांच की जा रही है और पुख्ता दस्तावेज देखने के बाद ही एंट्री दी जा रही है. नेपाल के हालिया रुख को देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया है.
नेपाल के बालेन सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जिसमें भारतीय मालवाहक वाहनों को 72 घंटे में वापसी करनी होगी. इतना ही नहीं, तय समय से अधिक रुकने पर प्रतिदिन 1500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा. नए नियम से जहां सीमावर्ती व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी है. वहीं, भारतीय सुरक्षा बल अब कोई भी ढील देने के मूड में नहीं हैं.
‘रोटी-बेटी’ की परंपरा पर भी मंडराया खतरा
लोगों का आरोप है कि नेपाल के नए नियमों से आवाजाही की परेशानियां बढ़ रही हैं. भारत-नेपाल के बीच वर्षों पुरानी “रोटी-बेटी” की परंपरा पर भी खतरा मंडरा रहा है. वहीं, व्यापारियों का कहना है कि कस्टम जांच और लोडिंग-अनलोडिंग में अधिक समय लग जाता है. इससे सीमा बाजारों, छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ सकता है.
वहीं, अब भारतीय सुरक्षा बल सीमा पार से होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है. एसपी राहुल भाटी ने बताया कि नेपाल बॉर्डर से आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर और आधुनिक उपकरणों से चेकिंग की जा रही है. बिना वैध दस्तावेज के सीमा पार करने पर सख्त रोक लागू है. SSB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग लगातार जारी है.
पगडंडियों और जंगलों पर भी कड़ी निगरानी
एसपी राहुल भाटी ने बताया कि मुख्य मार्गों, पगडंडियों और जंगलों पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और उपद्रवी तत्वों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. संदिग्धों पर नजर रखने के लिए आधुनिक उपकरणों का भी सहारा लिया जा रहा है. साथ ही सीमावर्ती गांवों में लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है.