ट्रेन में टिकट नहीं, फ्लाइट और बस का किराया कई गुना बढ़ा, होली बाद वापसी कैसे करें?
होली का त्योहार घर पर मनाने आए लोग अब फिर से बड़े महानगरों की ओर वापसी करने लगे हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें काफी ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है. मुंबई जाने वाली फ्लाइट का किराया 17000 के पार चला गया है. दिल्ली जाने के लिए भी 10 हजार लग रहे हैं. वहीं, ट्रेन में टिकट नहीं है. इसके अलावा बसों के किराए में भी रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी हुई है.
होली का त्योहार खत्म हो गया है. अब यात्रियों के लिए वापस अपने कार्यस्थल आने की जंग शुरू हो गई. एयरलाइंस ने अपने किराए में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है. इसमें और इजाफा होने की आशंका है. रविवार को लखनऊ से मुंबई और बेंगलुरु जाने वाले विमानों का किराया 17000 हजार रुपये को पार कर गया है. इतने किराए में लोग आसानी से मालदीव और बैंकॉक जैसे देशों की यात्रा कर सकते हैं.
फ्लाइट के किराए में रिकॉर्डतोड़ इजाफा
अगर त्योहार ना हो तो लखनऊ से मुंबई तक की टिकट 5 हजार रुपये में मिल जाती है. लेकिन त्योहारों के समय में होने वाली भीड़ को देखते हुए यह किराया मनमाने तरीके से बढ़ा दिया जाता है. रविवार को लखनऊ से मुंबई का किराया 17091 रुपये, बेंगलुरू का किराया 17947 रुपये, चेन्नई का 19942 रुपये, कोलकाता का 10492 रुपये और दिल्ली तक विमान का किराया 9449 रुपये तक पहुंच गया है.
ट्रेनों में उपलब्ध नहीं है टिकट
उधर ट्रेनों में भी जमकर भीड़ हो रही है. बड़े-बड़े महानगरों से त्योहारों में अपने घर आए लोग वापसी कर रहे हैं. ऐसे में ट्रेनों में टिकट ही नहीं मिल पा रही हैं. गोरखपुर से लखनऊ होकर जाने वाली ट्रेनों में तो टिकट मिलना नामुनकिन है. रेलवे ने इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट देना भी बंद कर दिया है.
मुंबई की ट्रेनों के टिकट के लिए भी मारामारी है. सबसे ज्यादा टिकट की डिमांड शनिवार के दिन की है. दरअसल, लखनऊ से मुंबई तक पहुंचने में ट्रेन 24 से 25 घंटे लगते हैं. ऐसे में मुंबई जाने वाले अधिकांश लोग शनिवार की टिकट चाहते हैं, ताकि वे अपना ऑफिस भी अटेंड कर सकें.
रेलवे और बस स्टेशन पर जुट रही भारी भीड़
होली के त्योहार के बाद स्टेशनों पर काफी भीड़ जुट रही है. शनिवार और रविवार के दिन यह भीड़ बढ़ेगी. इसे देखते हुए रेलवे और रोडवेज ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. रेलवे ने स्टेशन पर होने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ को कड़े दिशा निर्देश जारी किये गए हैं.
बस का किराया 3000 के पार
गोरखपुर और लखनऊ से दिल्ली जाने वाली बसों का किराया भी रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया. प्राइवेट बसों में यात्रियों को सीटें नहीं मिल रही हैं. अगर मिल भी रही हैं तो किराया 3000 के पार चला गया है. हालांकि, यात्री सरकारी बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसमें स्लीपर सीट की सुविधा नहीं है.
