नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ की फ्लाइट IGI से महंगी क्यों? उड़ान से पहले किराए को लेकर विवाद
नोएडा एयरपोर्ट पर उड़ान से पहले किराया विवाद गहरा गया है. लखनऊ से नोएडा का किराया दिल्ली से महंगा होने पर सवाल उठ रहे हैं. जेवर विधायक ने इसे यात्रियों के हितों के खिलाफ बताया है. उनका कहना है कि अगर दिल्ली एयरपोर्ट तक कम किराए में यात्रा संभव है तो लोग जेवर एयरपोर्ट क्यों चुनेंगे?
ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अभी पूरी तरह उड़ान भरने की तैयारी में ही है, लेकिन उससे पहले ही किराए को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया है. खुद जेवर से बीजेपी विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने नोएडा एयरपोर्ट से प्रस्तावित फ्लाइट टिकटों के किराए पर सवाल खड़े करते हुए इसे यात्रियों के हितों के खिलाफ बताया है.
बीजेपी विधायक का कहना है कि अगर शुरुआत में ही जेवर एयरपोर्ट से उड़ान का किराया दिल्ली एयरपोर्ट से ज्यादा रखा जाएगा तो यात्री संभावित रूप से IGI एयरपोर्ट को प्राथमिकता देंगे. इससे नए एयरपोर्ट की उपयोगिता और यात्री संख्या दोनों प्रभावित हो सकती हैं. नोएडा एयरपोर्ट पर टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि उड़ाने 15 मई से संचालित होंगे.
लखनऊ से नोएडा का किराया 5 हजार के पार
नोएडा एयरपोर्ट पर टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है. पहली फ्लाइट IndiGo की 15 मई को नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरेगी. यह एक घंटे पांच मिनट की नॉन-स्टॉप फ्लाइट होगी, जिसका किराया एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर 5401 रुपये दिखा रहा है. वहीं, लखनऊ से नोएडा के लिए 5912 है.
वहीं, दूसरी तरफ लखनऊ से दिल्ली एयरपोर्ट तक का हवाई किराया 3600 से लेकर 4300 के बीच बताई जा रहा है. यानी यात्रियों को दिल्ली की तुलना में जेवर एयरपोर्ट के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. यही वजह है कि इस किराया अंतर को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया और ट्रेवल सेक्टर में भी इस किराया अंतर को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
एयरपोर्ट पर किराया महंगा और कनेक्टिविटी जीरो!
लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वहां यात्री को कितनी सुविधा और कितनी केफायती सेवा मिलती हैं. लोगों का मानना है कि अगर दिल्ली एयरपोर्ट तक कम किराए में यात्रा संभव है तो लोग जेवर एयरपोर्ट क्यों चुनेंगे? क्योंकि नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए अभी परिवहन व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है.
फिलहाल एयरपोर्ट तक सीधे पहुंचने के लिए ना तो मेट्रो सेवा उपलब्ध है और ना ही रैपिड रेल जैसी सुविधा शुरू हुई है. हालांकि सरकार और संबंधित एजेंसीयां भविष्य में बेहतर कनेक्टिविटी का दावा कर रही है. लेकिन वर्तमान स्थिति में यात्रियों पर दोहरी मार पड़ सकती है. ऐसे में उड़ान शुरू होने से पहले किराए का यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है.
