नोएडा अथॉरिटी के CEO एम. लोकेश हटाए गए, गड्ढे में इंजीनियर की मौत पर CM योगी का बड़ा एक्शन
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में एक के बाद एक एक्शन जारी है. मुख्यमंत्री योगी ने खुद मामले में संज्ञान लिया और SIT जांच गठित की है. इस बीच नोएडा अथॉरिटी के CEO एम. लोकेश को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. एम. लोकेश को प्रतीक्षारत कर दिया गया है.
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के CEO एम. लोकेश को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. वह नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन के पबंध निदेशक के पद पर थे. एम. लोकेश को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान के बाद इंजीनियर मौत मामले में यह कार्रवाई हुई है. इससे पहले सीएम योगी ने मामले में मंडलायुक्त मेरठ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT जांच गठित की. इसमें एडीजी जोन मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD को शामिल किया गया है. सीएम योगी ने SIT को 5 दिनों में जांच की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.
कैसे हुई थी इंजीनियर युवराज मेहता की मौत?
युवराज मेहता गुरुग्राम के एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे. बीते शुक्रवार की रात वह ऑफिर से कार से घर लौट रहे थे. इस दौरान नोएडा के सेक्टर 150 के पास उनकी कार 70 फीट पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि युवराज की मौत पानी में डूबने के कारण हुई थी.
डॉक्टर की टीम ने फेफड़ों से साढे तीन लीटर पानी बाहर निकाला है जिससे यह स्पष्ट हो गया है की मौत की कोई और वजह सामने नहीं आई है. युवराज की मौत सबसे पहले पानी ठंडा होने दम घुटने और फेफड़ों में करीब साढे तीन लीटर पानी भर होने का कारण बताया है. उसकी वजह से उनको कार्डियक अटैक भी आया जिससे उनकी सांसे रुक गई थी.
लापरवाही के आरोप, अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई?
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को लेकर चार दिनों से हंगामा मचा है. स्थानीय लोग इसे नोएडा अथॉरिटी और प्रशासन की घोर लापरवाही काव नतीजा बता रहे हैं. इसको लेकर लोगों ने रविवार को न्याय का गुहार लगाते कैंडल मार्च भी निकाला था. साथ ही रेस्क्यू में देरी और सिस्टम की लापरवाही में इंजीनियर की मौत होने का आरोप लगाया.
मामला बढ़ने के बाद नोएडा अथॉरिटी की ओर से कार्रवाई की गई. लापरवाही को लेकर दो बिल्डरों MJ WISHTOWN PLANNER LIMITED और LOTUS GREEN CONSTRUTION PRIVATE LIMITED के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में एफआईआर दर्ज किया. साथ ही ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया गया था.
