नोएडा से दिल्ली जाना होगा आसान! चिल्ला एलिवेटेड रोड 2.5 KM तक बढ़ेगी; यमुना पर बनेगा नया पुल

नोएडा-दिल्ली के लाखों यात्रियों के लिए खुशखबरी है. चिल्ला एलिवेटेड रोड की लंबाई महामाया से सेक्टर 94 तक बढ़ाई जा रही है. साथ ही महामाया के पास एक नया पुल भी बनेगा. IIT रुड़की द्वारा संशोधित डीपीआर पर काम चल रहा है. इससे नोएडा से दिल्ली का सफर बेहद आसान हो जाएगा.

नोएडा-दिल्ली सफर होगी आसान (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है. चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा बदलाव किया है. महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई अब करीब 2.5 KM होगी. पहले यह दो किलोमीटर प्रस्तावित थी. साथ ही यमुना पर एक पुल भी बनाया जाएगा.

परियोजना की प्रारंभिक DPR तैयार होने के बाद प्राधिकरण ने जरूरी संशोधन के लिए इसे IIT रुड़की भेज दिया है. करीब डेढ़ महीने से IIT रुड़की में इस परियोजना की DPR पर काम चल रहा था. प्राधिकरण ने कुछ बदलाव सुझाए हैं, अब संशोधित DPR पर काम चल रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है अगले सप्ताह तक फाइनल डीपीआर प्राधिकरण को मिल जाएगी.

300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

फाइनल डीपीआर के बाद परियोजना की मंजूरी और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. एलिवेटेड रोड की लंबाई बढ़ने के साथ परियोजना की लागत में भी बदलाव होगा. इसकी लागत करीब 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि एलीवेटिड रोड के साथ यमुना तटबंध के लिए एक पल भी बनाया जाएगा.

महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 की ओर बनने वाली एलिवेटेड रोड को यमुना तटबंध से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया जाएगा. इससे तटबंध की तरफ आने-जाने वाले वाहनों को सीधा और सुविधाजनक कनेक्शन मिल सकेगा. परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा-दिल्ली के बीच सफर पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगी.

नई PWD रेट के आधार पर तय होगी लागत

अब इस परियोजना की लागत भी नई पीडब्ल्यूडी रेट के आधार पर तय की जाएगी. नोएडा प्राधिकरण ने पिछले महीने पीडब्ल्यूडी की नई टेंडर दरें लागू की हैं, ऐसे में फाइनल डीपीआर में परियोजना के लागत और तकनीकी विवरण को नए रेट के आधार पर अपडेट किया जाएगा. अंतिम लागत IIT रुड़की की फाइनल डीपीआर के बाद स्पष्ट होगी.

नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक कपिल देव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक डीपीआर का अध्ययन करने के बाद इसे मंगलवार को आईआईटी रुड़की को संशोधन के लिए सौंप दिया गया है. उनके मुताबिक, फाइनल डीपीआर अगले सप्ताह प्राप्त होने की उम्मीद है जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की जरूरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

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