इलाज का लालच, शादी-पढ़ाई में भी मदद का वादा; ग्रेटर नोएडा में ऐसे चल रहा था धर्मांतरण रैकेट
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में एक ईसाई धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों को शक है किस गिरोह के जरिए करीब 400 लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है.
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 में ईसाई धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबित यहां एक मकान के बेसमेंट में एक टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी, साली और एक अन्य सहयोगी मिलकर प्रार्थना सभा का आयोजन करा रहे थे. आरोप है कि ये लोग इन सभाओं के जरिए बीमार लोगों को ठीक करने और आर्थिक मदद और बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ शादी करने का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रहे थे.
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष चेनपाल प्रधान ने बताया कि हमें सूचना मिली कि सेक्टर 36 के एक मकान के बेसमेंट में ईसाई धर्म से जुड़े कुछ लोगों की तरफ से प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है. इसमें करीब 20 से 25 लोग शामिल हुए हैं. इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता के साथ आसपास के लोग संदिग्ध मकान के पास पहुंचे. इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर काफी धार्मिक पुस्तक भी मिली हैं. यह लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते थे. इनके अधिकतर शिकार शिकार आर्थिक रूप से पैसे से कमज़ोर मजदूर या गरीब होते थे. यह गिरोह इनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई के खर्च के साथ-साथ लड़कियों की शादी तक की जिम्मेदारी संभालने का लालच देते थे.
ईसाई धर्म से प्रभावित हुआ था टैक्सी चालक
पुलिस और स्थानीय लोगों की जानकारी के अनुसार करीब 9 साल पहले टैक्सी चालक सुरेश के पिता शंकर गंभीर रूप से बीमार हो गए थे. काफी इलाज के बाद जब उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. इस दौरान सुरेश का संपर्क ईसाई धर्म से जुड़े कुछ लोगों से हुआ. दावा किया गया की प्रार्थना से उसके पिता की हालत में सुधार हुआ. इसके बाद सुरेश ईसाई धर्म से प्रभावित हो गया. धीरे-धीरे खुद भी धर्म प्रचार में शामिल हो गया. सुरेश पिछले करीब 5 वर्षों से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 36 और आसपास के इलाकों में रहकर टैक्सी चला रहा था. आरोप है कि इसी दौरान उसने गरीबों बीमारों और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाना शुरू किया. उन्हें प्रार्थना सभा में बुलाया जाता था. इस सभा बीमारी ठीक होने, पैसे मिलने या जीवन की समस्या खत्म होने का भरोसा दिलाया जाता था.
हर रविवार होती थी प्रार्थना सभा
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सेक्टर 36 के जिस मकान में गतिविधियां चल रही थी. उसके बेसमेंट में हर रविवार को प्रार्थना सभा आयोजित होती थी. शुरुआत में यहां कम लोग आते थे. लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ती चली गई हर बार नए चेहरे दिखाई देते थे महिलाओं और पुरुष के साथ-साथ बच्चों की भी मौजूदगी इस दौरान देखी जाती थी. क्रिसमस और अन्य त्योहारों पर बाहर से पादरी भी बुलाए जाते थे. पूछताछ में प्रार्थना सभा में शामिल एक महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के संपर्क में आने के बाद उसके बीमार दामाद की तबीयत में सुधार हुआ. इसके बाद वह नियमित रूप से सभा में जाने लगी.
करीब 400 लोगों के धर्मांतरण की आशंका
पुलिस अधिकारियों को शक है किस गिरोह के जरिए करीब 400 लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है. कहा जा रहा है कि गतिविधियां केवल सेक्टर 36 तक सीमित नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा कासना सिग्मा और आसपास के इलाकों तक फैली हुई थी. पुलिस को यह भी संदेह है कि पूरे नेटवर्क के पीछे मकान मालिक दंपति की अहम भूमिका हो सकती है. जांच के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन में एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है. इसका नाम ‘फास्टर’ बताया जा रहा है. इस ग्रुप में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए थे. ग्रुप के जरिए ईसाई धर्म के प्रचार से जुड़ी सामग्री वीडियो संदेश साझा किए जाते थे. पुलिस को शक है कि सुरेश की पत्नी, साली और अन्य सहयोगी भी अपने-अपने मोबाइल से इस तरह के ग्रुप चलाते थे.
बैंक खातों की भी पुलिस कर रही पड़ताल
पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं. बैंक खातों के भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके की प्रार्थना सभा और अन्य गतिविधियों के लिए फंडिंग कहां से हो रही थी. पुलिस का कहना है की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे के कानूनी कार्रवाई की जाएगी.