‘महबूबा’ को देखे बिन तरस गईं थीं अखियां… 4 साल बाद बाबा जी का होगा विदेशी पत्नी से मिलन, क्या है कहानी?

ग्रेटर नोएडा के बाबा बालक दास महात्यागी चार साल बाद अब अपनी स्पेनिश पत्नी से मिल सकते हैं. मैरिज सर्टिफिकेट में टाइपिंग मिस्टेक की वजह से उनका पासपोर्ट नहीं बन पा रहा था. इसकी वजह से वह अपनी पत्नी-बच्चों से मिलने नहीं जा पा रहे थे. चार साल लंबी जुदाई के बाद आखिरकार प्रशासन ने इस गलती को सुधार दिया है. अब बाबा जल्द ही स्पेन जाकर अपने परिवार से मिलेंगे.

बाबा बालक नाथ Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के इस बाबा जी के विरह और जुदाई की बेला खत्म होने वाली है. चार साल से अपनी विदेशी पत्नी से दूर इस बाबा जी के स्पेन जाने की राह अब साफ हो गई है. बाबा जी ने चार साल पहले ही पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन मैरिज सार्टिफिकेट में कलर्कियल मिस्टेक की वजह से उनका नाम ही गलत हो गया. तब से वह इसे सुधरवाने के लिए रोज एसडीएम ऑफिस के चक्कर लगा रहे थे. अब प्रशासन ने उनकी ना केवल सुन ली है, इसकी उनका नाम भी दस्तावेजों में सुधार दिया है.

यह बाबा जी जैतपुर वैश्वपुर निवासी बालक दास महात्यागी हैं. साल 2001 के कुंभ में इनकी मुलाकात स्पेन की युवती से हुई थी. उस समय दोनों में दोस्ती हुई, फिर प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर ली. इस शादी के बाद दोनों के दो बच्चे भी हुए. इस बीच इनकी पत्नी का वीजा एक्सपॉयर होने लगा तो वह बच्चों को लेकर वापस स्पेन लौट गईं. बाबा बालक दास महात्यागी कहते हैं कि उनकी पत्नी भारत तो आ नहीं पा रहीं, ऐसे में वह खुद अपनी पत्नी और बच्चों को देखने के लिए स्पेन जाना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने साल 2022 में पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया था.

नाम में हुआ था टाइपिंग मिस्टेक

वह कहते हैं कि टाइपिंग मिस्टेक की वजह से मैरिज सार्टिफिकेट में उनके नाम बालक नाथ की जगह बकाक नाथ हो गया था. इसकी वजह से उनका पासपोर्ट नहीं बन पाया. उसी समय से वह एसडीएम ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं. इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने एसडीएम से सदर से मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया. कहा कि एक अक्षर की गलती की वजह से वह विरह वेदना से जूझ रहे हैं. सरकारी कर्मचारियों की गलती की वजह से वह अपने पत्नी बच्चों से दूर हो गए हैं. उनकी दुखभरी कहानी भावुक करने वाली थी. इसे सुनकर एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सार्टिफिकेट में तुरंत सुधार करने के आदेश दिए.

मिला संशोधित प्रमाणपत्र

इस आदेश के बाद प्रशासन ने टाइपिंग मिस्‍टेक में सुधार कर बाबा बालकनाथ का संशोधित प्रमाण पत्र जारी कर दिया है. इसी के साथ उन्होंने पासपोर्ट की कार्रवाई भी शुरू कर दी है. शुक्रवार को सूरजपुर स्थित कलक्ट्रेट पहुंचे बालक दास महात्यागी अपने हाथ में संशोधित प्रमाण पत्र देखकर खुशी से झूम उठे. उन्होंने कहा कि अब वह अपने परिवार से मिल सकेंगे. वह कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द स्पेन के लिए उड़ान भरें. इसके लिए उन्होंने पासपोर्ट की कार्रवाई शुरू कर दी है.