पति-बेटे की मौत के बाद अफसर पत्नी भी लगाने वाली थी छलांग, ऐसे बची जान
ग्रेटर नोएडा में 23वीं मंजिल से पति-बेटे की बालकनी से गिरकर मौत के बाद अफसर पत्नी ने भी उसी बालकनी से कूदकर जान देने की कोशिश की, लेकिन सोसायटी के लोगों ने उन्हें बचा लिया. यह परिवार शुक्रवार को खाटू श्याम जाने वाला था, तभी बालकनी में फूल तोड़ते समय पति-बेटा फिसलकर नीचे गिर गए थे.
राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पति और बेटे की 23वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर हुई मौत के बाद पत्नी ने भी खुदकुशी करने की कोशिश की. पत्नी भी उसी बालकनी से कूदने जा रही थी, जहां से कुछ घंटे पहले उसके पति और बेटे की गिरकर दर्दनाक मौत हुई थी. गनीमत रही कि सोसायटी वासियों ने देख लिया और समय रहते उन्हें बचा लिया गया. इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है.
जानकारी के मुताबिक मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले रणदीप और उनकी पत्नी अमृता यहां दिल्ली स्थित केंद्रीय सचिवालय में सेक्शन ऑफिसर थे. वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी की बिल्डिंग में 23वीं मंजिल पर रहते थे. शुक्रवार की सुबह बालकनी में लगा फूल तोड़ने समय रणदीप और उनका बेटा आरव नीचे गिर गए, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
खांटू श्याम जाने वाला था परिवार
पुलिस की पूछताछ में अमृता ने हादसे की पूरी कहानी बताई. कहा कि शुक्रवार को वह पति और बेटे के साथ खांटू श्याम जी जाने वाले थे. इसके लिए उनके पति और बेटा जल्दी उठकर बालकनी में फूल तोड़ रहे थे, तभी सीढ़ी फिसल गई और यह हादसा हो गया. इस घटना के बाद अमृता का रो-रोकर बुरा हाल है. वह बार बार बेहोश हो रही हैं और होश में आते ही पति और बेटे को पुकारने लग रही हैं.
खुद भी करने वाली थीं सुसाइड
इसी क्रम में शुक्रवार की शाम अमृता की बेहोशी टूटी तो वह अचानक उठीं और पति-बेटे को आवाज लगाते हुए बालकनी की और दौड़ीं. वह बालकनी से छलांग लगाने ही वाली थी कि वहां मौजूद सोसाइटी के लोगों ने पकड़ लिया. हादसे के बाद उनके घर पहुंचे रिश्तेदार एवं अन्य लोग फिलहाल उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराए हैं. उधर, सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. आज बाप-बेटे के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.
