स्कूल फ्रेंड बना दुश्मन, नाबालिग को फांसकर उत्तराखंड में किया गंदा काम, अब नेपाल भागने से पहले पुलिस ने पकड़ा
नोएडा से एक नाबालिग लड़की को भगाने और उत्तराखंड ले जाकर उसके साथ गंदा काम करने का मामला सामने आया था. अब इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को नेपाल भागने से पहले गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही नाबालिग लड़की का मेडिकल परीक्षण कराकर परिजनों को सौंप दिया है.
ग्रेटर नोएडा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां स्कूल में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई दोस्ती ने एक नाबालिग की जिंदगी को संकट में डाल दिया. नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से भगाने. फिर उत्तराखंड ले जाकर दुष्कर्म करने और नेपाल भागने की साजिश रचने वाले लड़के और उसके दो सहयोगियों को बीटा-2 थाना पुलिस ने उत्तराखंड के बनवासा से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद कर मेडिकल जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया है. बता दें कि आरोपी भी नाबालिग है.
पीड़िता और आरोपी पहले ग्रेटर नोएडा में एक ही स्कूल में पढ़ते थे. इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और बातचीत शुरू हुई. धीरे-धीरे यह बातचीत मोबाइल फोन और सोशल मीडिया तक पहुंच गई. साल 2025 में आरोपी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेरठ चला गया. लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा.
इसी दौरान आरोपी लड़के ने नाबालिग लड़की को प्रेम और भविष्य के झूठे सपने दिखाकर अपने जाल में फंसाया. उसने भरोसा दिलाया कि वह उसे अपने साथ सुरक्षित रखेगा. दोनों कहीं दूर नई जिंदगी शुरू करेंगे. इसी बहकावे में आकर नाबालिग घर से निकल गई.
साजिश में शामिल दंपती ने की मदद
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी योजना में बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के शिवनगर कॉलोनी निवासी कोमेश कुमार और उसकी पत्नी सोनाली भी शामिल थे. इन्हीं दोनों की मदद से नाबालिग को ग्रेटर नोएडा से कैब के जरिए मेरठ बुलाया गया. मेरठ से सभी लोग देहरादून पहुंचे. यहां एक होटल में रुके. यहीं पर आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद जब उन्हें पता चला कि पुलिस सक्रिय हो चुकी है और तलाश तेज हो गई है, तो आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में जुट गए.
पुलिस को जब पीड़िता के लापता होने की सूचना मिली तो तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. बीटा-2 थाना पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और कैब लोकेशन के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी उत्तराखंड के बनवासा पहुंच चुके हैं. वे नेपाल सीमा पार करने की फिराक में हैं. तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 10 जनवरी को बनवासा से आरोपी के साथ-साथ कोमेश कुमार और सोनाली को गिरफ्तार कर लिया. मौके से नाबालिग लड़की को भी सकुशल बरामद कर लिया गया.
आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पीड़िता को पुलिस ने तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा. इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस ने आरोपी को को संप्रेक्षण गृह भेज दिया है. वहीं, कोमेश कुमार और उसकी पत्नी सोनाली को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बीटा-2 थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है.ना बालिगों को बहला-फुसलाकर अपराध की ओर धकेलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. पुलिस की तत्परता से पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें.