जातीय वर्चस्व या प्रेम प्रसंग… क्या है कपसाड़ कांड का पूरा सच? हर कोई बता रहा अलग कहानी

मेरठ के कपसाड़ कांड में सस्पेंस, थ्रिल, एक्शन, रोमांच और सियासत सबकुछ है. कुछ लोग इस मामले जातीय वर्चस्व बता रहे हैं तो कुछ प्रेम प्रसंग की कहानी. गांव वालों का कहना है कि लड़की ने प्रेमी संग भागते वक्त खुद अपनी मां की हत्या कर दी. जबकि पुलिस के पास अपनी कहानी है. आइए जानते हैं कि उस दिन हुआ क्या था, जिसे राजनीतिक दल दूसरा रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

कपसाड़ हत्याकांड का क्या है पूरा सच

उत्तर प्रदेश के मेरठ में कपसाड़ कांड की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक है. इस कांड में सस्पेंस, रोमांच, प्यार, एक्शन सबकुछ है, लेकिन जिससे पूछो, हर कोई इस कांड की अलग ही कहानी बता रहा है. कोई इसे जातीय वर्चस्व बता रहा तो कोई सामान्य प्रेम प्रसंग का मामला बता रहा है. गांव के भीतर अलग तरह की चर्चा है तो पुलिस भी अपनी अलग ही कहानी बता रही है. इस अपहरण और हत्याकांड को लेकर पूरे शहर में तनाव है, राजनीति भी खूब हो रही है. ऐसे यह जान लेना जरूरी है कि आखिर यहां वास्तव में हुआ क्या था.

आइए, सिलसिलेवार पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास करते हैं. कपसाड़ गांव में रहने वाले भीम सिंह कहते हैं कि खुद लड़की के ही हाथ में धारदार बलकटी थी. उन्होंने कहा कि लड़की ने ही अपनी मां की हत्या की थी. उन्होंने कहा कि लड़की बालिग है और लड़का नाबालिग है. अपनी मां की हत्या के बाद लड़की ही लड़के को भगाकर ले गई है. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग का है. उन्होंने बताया कि लड़की ने दो साल पहले इंटर किया था, जबकि लड़का अभी 15 साल का है और नौंवी कक्षा में पढ़ता है. इन दोनों के प्रेम प्रसंग को लेकर गांव में पहले भी बवाल हो चुका है.

प्यार को लेकर हुई थी पंचायत

गांव के लोगों के मुताबिक इन दोनों के प्यार को लेकर गांव में कुछ समय पहले काफी हंगामा हुआ था. बाद में पंचायत बुलाई गई और लड़के के पिता ने लड़की के घर वालों को 50 हजार रुपये देकर मामला रफादफा कराया था. इस पंचायत के बावजूद मामला लगातार बिगड़ता चला गया. गांव वालों के मुताबिक घटना के दिन लड़की ने खुद ही फोनकर लड़के को रजवाहे के पास बुलाया था. यहां से दोनों भागने वाले थे, लेकिन लड़की की मां को भनक लग गई और पीछा करते हुए वह मौके पर पहुंच गई. इस दौरान पकड़े जाने पर लड़की ने बलकटी से वारकर अपनी मां की हत्या कर दी. इसके बाद दोनों फरार हो गए.

फिर कैसे आया जातीय संघर्ष का एंगल?

गांव वालों के मुताबिक यह मामला पूरी तरह से प्रेम प्रसंग का है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जातीय संघर्ष में तब्दील कर दिया है. खासतौर पर असपा के चंद्रशेखर और बसपा सुप्रीमो मायावती ने वर्ग विशेष को लेकर हमला करने की कोशिश की. समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को गरमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. जबकि हकीकत यह है कि गांव में दलित आबादी लगभग एक चौथाई है. यह गांव ठाकुर चौबीसी में होने के बावजूद आज तक यहां कभी कोई बवाल नहीं हुआ. इस बवाल के बाद भी गांव के अंदर उतना तनाव नहीं है, जितना बाहर दिखाया जा रहा है.

शादी तय होने पर बिगड़ी स्थिति

बताया जा रहा है कि लड़की के घर वालों ने उसकी शादी तय कर दी थी. यह शादी आगामी दो अप्रैल को होनी थी. इसकी जानकारी होने पर रूबी ने अपने घर में विद्रोह कर दिया था. वहीं लड़के ने भी अपने घर में हंगामा किया था. इसके बाद दोनों एक हफ्ते पहले ही घर से भागकर शादी करने की योजना बनाई थी. हालांकि इनकी योजना में हत्या की कहानी शामिल नहीं था. बताया जा रहा है कि घर से भागते समय पकड़े जाने पर लड़की ने अचानक इस वारदात को अंजाम दिया. हालांकि पुलिस ने लड़के और लड़की को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. अब तक की पूछताछ में उनके बयान विरोधाभाषी मिले हैं.

तीसरे दिन रुड़की में पकड़े गए दोनों

गुरुवार को घर से भागे लड़के और लड़की को पुलिस ने शनिवार की शाम करीब छह बजे रुड़की रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया. दोनों हरिद्वार भागने की फिराक में थे. पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि घर से भागने के बाद लड़की अपने प्रेमी के साथ 2 दिन तक सहारनपुर में रहने वाले उसके रिश्तेदार घर में ठहरी थी. इस दौरान दोनों ने अपने फोन बंद रखे थे. यहां से भागकर जब ये रुड़की पहुंचे तो लड़के ने फोन ऑन किया. इससे पुलिस को इनकी लोकेशन मिल गई और पुलिस टीम ने 60 घंटे के अंदर इन्हें दबोच लिया.

पुलिस ने बताई ये कहानी

इस वारदात पर मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्थिति साफ किया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग और संगठन फिजां खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग घटना को जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन समय रहते एक्टिव हुई पुलिस ने इनकी साजिश को नाकाम कर दिया है. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है. फिलहाल पुलिस पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है. इसी बीच डीएम मेरठ डॉ. वीके सिंह ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक मदद का चेक सौंपा है.

लखनऊ-दिल्ली तक गूंज

इस घटना की गूंज लखनऊ दिल्ली और दिल्ली तक है. हालात को देखते हुए खुद सीएम योगी ने डीएम और एसएसपी से मामले में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए. साथ ही पल-पल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने को कहा. इसके बाद डीआईजी मेरठ ने दो एसपी समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की 12 से अधिक टीमें बनाकर मामले की जांच में लगा दी. डीआईजी के मुताबिक गांव में अब पूरी तरह से शांति है और पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है.