150 अफसरों के बयान, 600 पन्नो की रिपोर्ट… क्या है नोएडा के गड्ढे में इंजीनियर की मौत का राज?
नोएडा के गड्ढे में इंजीनियर की मौत का सच अब खुलने वाला है. आज यानी 27 जनवरी को एसआईटी इस मामले की 600 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी. माना जा रहा है इस रिपोर्ट में बड़े -बड़े अधिकारियों को सेक्टर 150 में हुए हादसे का जिम्मेदार ठहराया गया है.
नोएडा सेक्टर 150 में एक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में आज यानी 27 जनवरी को एसआईटी शासन 600 पन्नों की रिपोर्ट पेश करने जा रही है. इस मामले में अब तक 150 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है. रिपोर्ट मिलने के बाग शासन यह तय करेगा कि आखिर इस पूरे मामले में किन-किन विभागों और अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है. साथ ही इनपर क्या कार्रवाई की जाएगी.
एसआइटी की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. यह मामला हादसे तक सीमित नहीं रह गया है. यह सिस्टम की तरफ से दी गई मौत हौ. समय रहते प्राधिकरण ने सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए. इससे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बिल्डर की साइट पर खोदे गए गड्ढे और उसमें भरा करीब 70 फीट पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. वह घंटों तक अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन अधिकारी घटना की रात खड़े होकर तमाशा देखते रहे.
इन पांच विभाग के अधिकारियों से सबसे ज्यादा हुई पूछताछ
एसआईटी गठन होने के बाद सबसे ज्यादा पांच विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की गई. इसमें पुलिस, एनडीआरएफ, फायर विभाग और नोएडा प्राधिकरण शामिल है. जांच में यह जानने की कोशिश की गई कि हादसे के बाद किन विभागों के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. समय रहते युवराज मेहता को क्यों नहीं बचाया गया . इसके अलाव जब सेक्टर 150 के रहने वाले निवासियों ने हादसे से पहले प्राधिकरण से उसे इलाके में सुरक्षा के इंतजाम को लेकर शिकायत की थी तो उसे पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
एसआईटी की टीम ने घटनास्थल पर जाकर यह भी निरीक्षण किया कि इन विभागों के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे. रेस्क्यू करने में क्यों देरी हुई. समय रहते जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए गए. इसके अलावा एसआईटी ने सिंचाई विभाग, खनन विभाग और घटना के चश्मदीद मनिंदर के भी बयान दर्ज किए हैं. एसआईटी ने गिरफ्तार बिल्डर और उसके सहयोगियों से भी पूछताछ की है.
600 पन्नों की रिपोर्ट में दर्ज हैं घटना के असली साक्ष्य
एसआईटी की टीम ने घटना के वक्त आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, घटना के दौरान वायरल हुई वीडियो, अधिकारियों के मोबाइल नंबर की लोकेशन के साथ-साथ मृतक युवराज मेहता, चश्मदीद मनिंदर की आखिरी लोकेशन 600 पन्नों की रिपोर्ट में शामिल किया है. साथ ही विभागीय फाइल और अधिकारियों के बयान को भी इस रिपोर्ट में रखा गया है.
हादसे के सात बड़े जिम्मेदारों की लिस्ट में बड़े-बड़े अफसर
रिपोर्ट में यह बात भी शामिल की गई है कि प्राधिकरण को खाली पड़े प्लॉट में पानी भरे रहने की शिकायत कब-कब की गई. इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई. हादसे के सात बड़े जिम्मेदारों की भी लिस्ट तैयार की गई है. इसमें थाना प्रभारी नॉलेज पार्क सर्वेश कुमार, प्राधिकरण के पूर्व सीईओ लोकेश एम जिलाधिकारी मेधा रूपम, फायर के ऑफिसर प्रदीप चौबे, बिल्डर अभय कुमार और उसके अन्य सहयोगी, जीएम नोएडा प्राधिकरण एसपी सिंह और जीएम जल सीवर अधिकारी आरपी सिंह को इस लिस्ट में रखा गया है.