‘आई लव यू पापा’… प्रतीक यादव की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित, बेटी के कार्ड ने सबको रुलाया
हरिद्वार में VIP घाट पर प्रतीक यादव की अस्थियां गंगा में विसर्जित की गई. इस दौरान एक बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब प्रतीक यादव को उनकी सात वर्षीय बेटी पद्मजा ने 'आई लव यू पापा' कार्ड के साथ फूट-फूटकर रोते हुए विदाई दी. इसको देखते हुए घाट पर मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई.
समाजवादी पार्टी के दिवंगत संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां हरिद्वार में VIP घाट पर शनिवार को गंगा में विसर्जित की गई. इस दौरान एक बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब प्रतीक यादव को उनकी सात वर्षीय बेटी पद्मजा ने ‘आई लव यू पापा’ कार्ड के साथ आखिरी विदाई दी. जिससे घाट पर मौजूद हर आंख नम हो गई.
मासूम पद्मजा ने ‘आई लव यू पापा’ लिखा कार्ड अपने हाथों से बनाया था. वह कार्ड को लखनऊ से लेकर हरिद्वार आई थी. अस्थि विसर्जन के दौरान, पद्मजा ने उस कार्ड को भी गंगा में प्रवाहित कर दिया. पूरे कर्मकांड के दौरान पद्मजा उस कार्ड को सीने से लगाए रही. और फूट-फूटकर रोते दिखी, इस दौरान बड़ी बहन प्रथमा पास में खड़ी होकर चुप कराती नजर आईं.
अस्थि विसर्जन में बाबा रामदेव भी रहे मौजूद
प्रतीक यादव की मासूम बेटी के इस मार्मिक दृश्य ने माहौल को गहरे शोक में डुबो दिया. मां अपर्णा पूरे कर्मकांड के दौरान गहरे दुख में थी. अस्थि विसर्जन के समय बाबा रामदेव भी परिवार के साथ मौजूद रहे. पत्नी अपर्णा बेटियों और पिता अरविंद बिष्ट, भाई अमन समेत अन्य परिजनों के साथ अस्थियां लेकर लखनऊ एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन से हरिद्वार पहुंची थी.

प्रतीक यादव की बुधवार को 38 साल की उम्र में लखनऊ में अचानक निधन हो गया था. इसके अगले दिन गुरुवार को लखनऊ के भैंसा कुंड घाट पर प्रतीक के ससुर ने अरविंद बिष्ट ने उनको मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में अखिलेश यादव समेत पूरा परिवार मौजूद रहा. प्रतीक, दिवंगत मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे.
पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे प्रतीक यादव
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे. इसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई है. सूत्रों के मुताबिक, रियल एस्टेट और फिटनेस क्षेत्र में सक्रिय प्रतीक यादव पिछले एक साल से गंभीर आर्थिक दबाव थे.
