गंगा एक्सप्रेस-वे पर नियम तोड़ा तो बुरे फसेंगे, 1.5KM दूर की गाड़ियों को भी ट्रैक कर सकेंगे यहां लगे कैमरे
गंगा एक्सप्रेस वे पर नियम तोड़ने वाले बच नहीं पाएंगे. पूरे एक्सप्रेस वे पर सीसीटीवी कैमरों की विशेष नजर रहेगी.एक्सप्रेस वे पर लगे इन कैमरों की क्वॉलिटी इतनी हाई है कि वे 1.5 किलोमीटर दूर की गाड़ियों को भी आसानी से ट्रैक कर सकते हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई में इसका उद्घाटन करेंगे. इस एक्सप्रेस वे की शुरुआत मेरठके बिजौली गांव से होगी, जो 594 किलोमीटर तय कर प्रयागराज में खत्म होगी. इस एक्सप्रेस वे पर एंट्री लेने से डेढ़ किलोमीटर पहले आप तीसरी आंख यानी सीसीटीवी की नजर में आ जाएंगे. गंगा एक्सप्रेसवे पर हाई क्वॉलिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
गंगा एक्सप्रेस वे पर नियम तोड़ने वाले बच नहीं पाएंगे. स्टंट करने वालों पर सीसीटीवी कैमरों की विशेष नजर रहेगी. तय लिमिट से ज्यादा रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों की भी खैर नहीं रहेगी. एक्सप्रेस वे पर लगे ये कैमरे आम नहीं हैं.ये इतनी हाई क्वॉलिटी वाले हैं कि 1.5 किलोमीटर दूर की गाड़ियों को भी ट्रैक कर सकते हैं.इन कैमरों को लगाने का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेस वे पर सेफ ड्राइविंग को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को रोकना है.
धुंध में भी काम करेंगे गंगा एक्सप्रेस वे पर लगे कैमरे
सड़कों पर लगे कैमरों में देखा जाता है कि ये धुंध या फिर हाई स्पीड के कारण गाड़ियों के नंबर प्लेट सही तरीके से कैप्चर नहीं कर पाते हैं. लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों के साथ ये स्थिति नहीं रहेगी. ये हाई-डेफिनिशन विजुअल्स कैमरे बिल्कुल साफ तस्वीरें कैप्चर करेंगे. नंबर प्लेट रिकग्निशन से गाड़ियों की नंबर प्लेट की स्पष्ट पहचान होगी. इससे चालान करने की प्रक्रिया बेहद सटीक हो जाएगी.
इन 12 जिलों को कनेक्ट करेगा गंगा एक्सप्रेस वे
गंगा एक्सप्रेस वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी यूपी से जोड़ेगा. इस एक्सप्रेस वे के चलते मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधा लाभ मिलेगा. इन जिलों के कुल 519 गांव इस परियोजना से जुड़ेंगे. कनेक्टिविटी के साथ-साथ इन क्षेत्रों में एक्सप्रेस वे के चलते आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी.
उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला 18 दिसंबर, 2021 को शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी. इस प्रोजेक्ट को 2020 में राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिली थी.यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जूदापुर डांडू गांव तक जाएगा.यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा.मेरठ से प्रयागराज का सफर, जो पहले 10–12 घंटे में पूरा होता था, अब सिर्फ 6–7 घंटे में पूरा हो सकेगा. एक्सप्रेस वे पर गति सीमा 120 किमी/घंटे रखी गई है.
एक्सप्रेसवे पर बनाई गई है एयर स्ट्रिप
शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) भी बनाई गई है, ताकि आपातकाल में भारतीय वायुसेना (IAF) के विमान यहां से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकें. इसके लिए भारतीय वायुसेना की एक टीम अभ्यास भी कर चुकी है. इस एक्सप्रेसवे में गंगा नदी पर करीब 960 मीटर लंबा पुल और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है.