सपा सांसद इकरा हसन को हाईकोर्ट से राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक
कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रही मामले की पूरी कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इकरा हसन ने ट्रायल कोर्ट से जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. मामला 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान शामली के कांधला थाने में दर्ज FIR से जुड़ा है. आरोप है कि बिना अनुमति रोड शो और चुनावी नियमों की अनदेखी की गई थी.
कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद इकरा हसन को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है. इकरा हसन ने ट्रायल कोर्ट से जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है. ये मामला शामली के कांधला थाने में दर्ज FIR से जुड़ा है.
चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रही संपूर्ण कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इकरा हसन की ओर से ट्रायल कोर्ट के समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने ये अंतरिम आदेश दिया. FIR में इकरा हसन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और 171-H के तहत मामला दर्ज किया गया था.
मामले में आगे बढ़ते हुए ट्रायल कोर्ट ने इकरा हसन को समन जारी किया था. इसी समन की कार्यवाही को सांसद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. इकरा हसन की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में फिलहाल इकरा हसन को अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की संपूर्ण कार्यवाही पर रोक लगा दी. यानी अगले आदेश तक इस मामले में ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्यवाही नहीं होगी.
इकरा हसन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्ला और अधिवक्ता मोहम्मद खालिद ने कोर्ट के सामने पक्ष रखा. अधिवक्ताओं ने ट्रायल कोर्ट की समन कार्यवाही को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से राहत की मांग की थी. हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश को कैराना सांसद इकरा हसन के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है. हालांकि, मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है.
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के समय शामली जिले के कांधला थाने में बिना अनुमति के रोड शो करने और नियमों की अनदेखी करने पर आईपीसी की धारा 188 और 171H के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. जांच के बाद निचली अदालत ने सांसद इकरा हसन को समन जारी किया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने ट्रायल कोर्ट की अगली सभी कार्यवाहियों पर अंतरिम रोक लगा दी है.