210 KM लंबाई, 4400 करोड़ की लागत… श्रृंगवेरपुर में धंसा राम वनगमन मार्ग, सवाल उठा तो डिप्टी सीएम ने दिया ये जवाब

अयोध्या से चित्रकूट तक 210 किमी लंबा राम वनगमन मार्ग (NH-731A) लोकार्पण से पहले ही धंस गया है. 4400 करोड़ की लागत से बना यह फोरलेन प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में 500 मीटर तक क्षतिग्रस्त हुआ. पहली बारिश भी नहीं झेल पाई इस सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. डिप्टी सीएम ने कहा, सड़क बनेगी तो धंसेगी और दोबारा बनेगी.

राम गमन मार्ग Image Credit:

अयोध्या से चित्रकूट तक राम वनगमन मार्ग (NH-731A) लोकार्पण से पहले ही टूटने लगा है. श्रृंगवेरपुर के पास यह सड़क करीब 500 मीटर तक धंस गया है. करीब 4400 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 210 किलोमीटर लंबे फोरलेन कॉरिडोर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. वहीं अब प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के पास इस सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. करीब 500 मीटर के दायरे में जगह-जगह दरारें पड़ने और सड़क धंसने की तस्वीरें सामने आई हैं.

जानकारी के मुताबिक प्रतापगढ़ से कौशांबी की ओर जाने वाले मार्ग पर कानपुर-वाराणसी फ्लाईओवर के आसपास सड़क के कई हिस्सों में दरारें दिखी हैं. कुछ स्थानों पर दरारों की गहराई करीब डेढ़ फीट तक बताई जा रही है. सड़क के धंसने के साथ ही रिटेनिंग वॉल और पैनल के झुकने की बात भी सामने आई है. सड़क क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पहली बरसात भी नहीं झेल पायी सड़क

पहली बरसात में ही बदहाल हुई इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इससे वाराणसी और चित्रकूट की ओर जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है. गनीमत है कि सड़क के धंसने की वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. इस घटना पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अजीब बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सड़क बनेगी तो धंसेगी और जब धंसेगी तो दोबारा बनेगी. हालांकि उन्होंने कहा कि यदि खराब गुणवत्ता का मामला सामने आया तो उसकी भी जांच होगी.

राम गमन मार्ग का अहम स्थान श्रृंगवेरपुर

श्रृंगवेरपुर धाम का संबंध भगवान श्रीराम के वनवास काल से माना जाता है. कथा आती है कि भगवान श्रीराम को वनवास के वक्त केवट ने यहीं से गंगा पार किया था. अयोध्या से निकलने के बाद भगवान रथ पर सवार होकर यहां तक आए. यहीं पर अपने परम मित्र निषादराज गुह के पास रात भर रूके भी और अगले दिन यहां से केवट ने उन्हें गंगा पार कराया. यही वजह है कि राम वनगमन मार्ग को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है.

2022 में हुआ शिलान्यास

करीब 210 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन कॉरिडोर अयोध्या और चित्रकूट को जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है. वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया था. अभी इस सड़क का काफी काम बाकी है. हालांकि आगामी माघ मेले से पहले इसके लोकार्पण की योजना है. इसी बीच सड़क टूटने की खबर से सरकार भी असहज हो गई है. अब सर्किट हाउस में मीडिया के सवाल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सफाई दी.

6 जिलों से गुजरता है राम गमन मार्ग

राम वनगमन मार्ग उत्तर प्रदेश के 6 जिलों से होकर गुजरता है. रामनगरी अयोध्या से शुरू होकर यह सड़क सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी होते हुए चित्रकूट तक आती है. प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में जहां भगवान ने गंगा पार किया था, उस स्थान पर करीब 1,200 मीटर लंबा छह लेन का पुल बनाया जा रहा है. यह पुल गंगापार क्षेत्र को कौशांबी और आगे चित्रकूट से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.

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