लखनऊ के बहाने प्रयागराज पहुंचा 22 साल का युवक, माघ मेले में ले लिया संन्यास, मां को भी नहीं पहचाना
रायबरेली के रहने वाले अमर कमल रस्तोगी लखनऊ के लिए निकले थे लेकिन पहुंच गए प्रयागराज के माघ मेले में. यहां उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग कर संन्यास ले लिया. इस दौरान उनकी मां उन्हें वापस लेने प्रयागराज पहुंची, लेकिन अमर कमल रस्तोगी ने अपनी मां को भी पहचानने से इनकार कर दिया.
रायबरेली के 22 वर्षीय युवक ने कुछ ऐसा कर दिया, जिससे हर कोई हैरान रह गया. उसने अचानक प्रयागराज के माघ मेला में पहुंचकर संन्यास ले लिया. परिवार को इसकी जानकारी युवक के मोबाइल स्टेटस से हुई. इसके बाद से परिवार सदमे में है. उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है.
लखनऊ के लिए घर से निकला था युवक
दरअसल, रायबरेली के रहने वाले अमर कमल रस्तोगी यह कहकर घर से निकले थे वह लखनऊ में स्थित एक चर्च जा रहे हैं. शाम तक लौट आएंगे. लेकिन परिवार इंतजार करता रह गया. अमर कमल रस्तोगी देर रात तक घर नहीं लौटे. उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था. ऐसे में परिवार किसी अनहोनी से चिंतित हो गया. युवक की तलाश करने लगा.
लापता होने के 3 दिन बाद युवक के संन्यासी बनने का चला पता
युवक की खोजबीन के बीच 3 दिन बाद परिवार को उसके व्हाट्सएप स्टेटस से पता चला कि उसने सांसारिक जीवन त्याग दिया है और संन्यास ले लिया. इसकी जानकारी होते ही युवक की मां और बहनें उसे लेने प्रयागराज पहुंच गई. अपने बेटे को संन्यासी के रूप में देखकर मां भावुक हो गईं. इस बीच युवक ने मां को ही पहचानने से इनकार कर दिया. लेकिन मान-मनौव्वल के बीच उसने बाद में अपनी मां को गले लगाया लेकिन घर वापस जाने से मना कर दिया.
परिवार अब भी यकीन-बेटा वापस आएगा
जानकारी के मुताबिक युवक ने स्वामी गोपाल दास को अपना गुरु मानते हुए दीक्षा ली है. साथ ही संतों की सेवा में जीवन समर्पित करने का फैसला लिया है. फिलहाल पूरा परिवार सदमे में है. सबको यकीन है कि बेटा एक दिन वापस लौटेगा. लेकिन अमर कमल रस्तोगी के इस फैसले से उसके माता-पिता बेहद आहत हैं. बता दें महाकुंभ के दौरान भी ऐसे कई मामले सामने आए थे जिसमें कई युवक-युवतियों ने संन्यास धारण कर लिया था.