‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वालों को होगा कैंसर, दर्दनाक मौत मरेंगे’, BJP विधायक का श्राप!
बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कहा है कि राम मंदिर का चढ़ावा चुराने वालों को भगवान राम उन्हें ऐसी सजा देंगे कि वे दर्दनाक मौत मरेंगे. उनकी अगली सात पीढ़ियां भी मंदिर से चोरी के परिणाम को याद रखेंगी. यह बयान कथित चढ़ावा गबन की चल रही SIT जांच और गिरफ्तारियों के बीच आया है.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की पुरवा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अनिल सिंह का एक तीखा बयान सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विधायक कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी करने वाले लोगों को ‘कैंसर होगा’ और वे ‘दर्दनाक मौत मरेंगे’.
बताया जा रहा है कि बीजेपी विधायक ने यह टिप्पणी रविवार को मौरावां क्षेत्र में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान की.वायरल वीडियो में अनिल सिंह कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘जिन लोगों ने भगवान राम के मंदिर से चोरी की है, उन्हें सीधे कैंसर हो जाएगा. यह भगवान की ओर से मौत की सजा होगी. एक साल तक इंतजार करें, उन्हें कैंसर हो जाएगा.’
भगवान राम भी उन्हें ऐसी सजा देंगे कि…
अनिल सिंह ने यह भी कहा कि चोरों को हम नहीं रोक सकते. घर से जेवर चुराकर ले जाने वाले भी हमारे परिवार के ही लोग होते हैं. सरकार अपनी ओर से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी, लेकिन भगवान राम भी उन्हें ऐसी सजा देंगे कि वे दर्दनाक मौत मरेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियां भी इस घटना को याद रखेंगी, ये चोर कुढ़-कुढ़ के मरेंगे.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला पहले से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है. हेराफेरी के आरोपों के बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. इस मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार हुए हैं.
हालांकि, विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि कथित मुख्य आरोपियों तक जांच एजेंसियां अभी नहीं पहुंच पाई हैं.
अखिलेश भी राम का नाम लेने के लिए मजबूर
कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता जमीन पर कब्जा करने, गरीबों के लिए मिलने वाला राशन बेचने और जरूरतमंदों को उनके अधिकारों से वंचित करने में शामिल रहे हैं. साथ ही दावा किया, अखिलेश यादव भी अब ‘भगवान राम का नाम लेने के लिए मजबूर हैं.
