6 महीने में छठी बार सहारनपुर पहुंचे CM योगी, बार-बार पश्चिमी यूपी दौरे के क्या हैं सियासी मायने?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सहारनपुर से 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया. साथ ही 600 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया. पिछले छह महीनों में उनका यह छठा दौरा है. उनके पश्चिमी यूपी के लगातार दौरे प्रशासनिक से बढ़कर सियासी मायने रखते हैं.

सीएम योगी (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुधवार को हुआ सहारनपुर दौरा केवल प्रशासनिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. साल 2026 के पहले छह महीनों में यह मुख्यमंत्री का सहारनपुर का छठा दौरा है, जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

बारिश के बीच मुख्यमंत्री आज छठी बार सहारनपुर पहुंचकर सबसे पहले ग्राम इस्माइलपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से ‘स्कूल चलो अभियान’ के दूसरे चरण (1-15 जुलाई) का शुभारंभ किया. इसके बाद उन्होंने महाराज सिंह फील्ड में 600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. साथ ही एक बड़े जनसभा को संबोधित किया.

2024 के बादइस क्षेत्र पर विशेष फोकस बढ़ा

कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री योगी ने सर्किट हाउस में सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी की. सीएम योगी के दौरे के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और कार्यक्रम स्थल के आसपास नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया था. जानें उनके दौरे का सियासी मायने क्या है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम सीटों पर झटका लगने के बाद पार्टी ने इस क्षेत्र पर विशेष फोकस बढ़ा दिया है. सहारनपुर से इमरान मसूद, कैराना से इकरा हसन और मुजफ्फरनगर से हरेंद्र मलिक की जीत के बाद बीजेपी अब संगठन को मजबूत करने और 2027 की तैयारी में जुटी है.

क्षेत्र की राजनीतिक नब्ज टटोल रहे हैं योगी

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री के लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं हैं. उनके अनुसार, योगी आदित्यनाथ क्षेत्र की राजनीतिक नब्ज टटोल रहे हैं, संगठन की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

हालांकि, सरकार का स्पष्ट कहना है कि मुख्यमंत्री योगी के दौरे पूरी तरह विकास कार्यों की समीक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए हैं. सरकार का तर्क है कि मुख्यमंत्री होने के नाते प्रदेश के किसी भी जिले का दौरा करना उनका नियमित प्रशासनिक दायित्व भी है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी की पश्चिमी यूपी की जातीय और चुनावी दृष्टि से अहम सीटों पर लगातार सक्रियता यह संकेत देती है कि बीजेपी विकास और संगठन, दोनों मोर्चों पर समानांतर रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है. ऐसे में सहारनपुर में मुख्यमंत्री के लगातार दौरे प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ 2027 की तैयारियों में भी महत्वपूर्ण हैं.

Follow Us