राम मंदिर को कितना मिला दान और कहां किया गया खर्च? ट्रस्ट ने दी हर जानकारी
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2025-26 की अनऑडिटेड वित्तीय रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट ने वित्तीय वर्ष में 250.04 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जबकि कुल 514.50 करोड़ रुपये खर्च किए. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि ट्रस्ट की सबसे बड़ी आय दान नहीं, बल्कि बैंक निवेश पर मिले 151.80 करोड़ रुपये ब्याज से हुई. वहीं, श्रद्धालुओं से 98.24 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ.
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2025-26 की अनऑडिटेड वित्तीय रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट ने एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 250.04 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि मंदिर निर्माण, आधारभूत ढांचे के विकास और धार्मिक गतिविधियों समेत विभिन्न मदों पर 514.50 करोड़ रुपये खर्च किए. रिपोर्ट से साफ है कि ट्रस्ट की आय का सबसे बड़ा स्रोत दान नहीं बल्कि बैंक में जमा निवेश पर मिला 151.80 करोड़ रुपये का ब्याज रहा.
दान से ट्रस्ट को मिले 98.24 करोड़ रुपये
राम मंदिर में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं आए हैं. वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक ट्रस्ट को स्वैच्छिक दान के रूप में कुल 98.24 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. इसमें सबसे अधिक राशि मंदिर परिसर में लगे दान पात्र (हंडी) से आई.
2025-26 में राम मंदिर को दान ऐसे मिले —
दान काउंटर से प्राप्त राशि – 21.05 करोड़ रुपये
दान पात्र (कैश हंडी) – 66.55 करोड़ रुपये
ऑनलाइन दान – 9.70 करोड़ रुपये
विदेशी दान (एफसीआरए) – 94 लाख रुपये
इन सभी स्रोतों से ट्रस्ट को कुल 98.24 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ.
ब्याज से हुई सबसे अधिक कमाई
रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि ट्रस्ट को दान से अधिक आय बैंक में जमा राशि और निवेश पर मिले ब्याज से हुई. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट ने 151.80 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में अर्जित किए. इस तरह कुल 250.04 करोड़ रुपये की आय में ब्याज की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही.
मंदिर निर्माण पर सबसे ज्यादा खर्च
राम मंदिर निर्माण अभी भी विभिन्न चरणों में जारी है. रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट ने सबसे बड़ा खर्च मंदिर और उससे जुड़े निर्माण कार्यों पर किया. निर्माण एवं पूंजीगत व्यय का विवरण इस प्रकार है—
मंदिर एवं संबद्ध निर्माण कार्य – 375.40 करोड़ रुपये
भूमि खरीद – 21.53 करोड़ रुपये
एल एंड टी द्वारा कैनोपी निर्माण – 9.81 करोड़ रुपये
यात्री स्वागत केंद्र – 4.83 करोड़ रुपये
राम निवास के पास डॉर्मिटरी – 2.76 करोड़ रुपये
बाग बिजैशी निर्माण – 2.70 करोड़ रुपये
अन्य चल संपत्तियां – 2.71 करोड़ रुपये
अस्थायी निर्माण – 1.74 करोड़ रुपये
अंगद टीला निर्माण – 1.14 करोड़ रुपये
अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय – 12 लाख रुपये
इन सभी मदों पर ट्रस्ट ने कुल 422.74 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया.
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी हुआ बड़ा खर्च
मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. उनकी सुविधा और मंदिर संचालन पर भी ट्रस्ट ने करोड़ों रुपये खर्च किए.
रिपोर्ट के अनुसार—
भोग-प्रसाद एवं पूजा – 12.85 करोड़ रुपये
सुरक्षा सेवाएं – 11.49 करोड़ रुपये
अन्न क्षेत्र – 9.26 करोड़ रुपये
कर्मचारी लाभ – 8.98 करोड़ रुपये
सफाई एवं हाउसकीपिंग – 4.91 करोड़ रुपये
लॉकर सुविधा – 4.43 करोड़ रुपये
बिजली – 4.41 करोड़ रुपये
वर्ष प्रतिपदा महोत्सव – 3.80 करोड़ रुपये
श्रद्धालु कल्याण गतिविधियां – 2.59 करोड़ रुपये
मंदिर संचालन एवं रखरखाव – 2.70 करोड़ रुपये
कार्यालय एवं प्रशासन – 2.22 करोड़ रुपये
जूता स्टैंड संचालन – 2.05 करोड़ रुपये
विशेष कार्यक्रम – 1.84 करोड़ रुपये
टेंट एवं बैरिकेडिंग – 1.72 करोड़ रुपये
प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम – 1.32 करोड़ रुपये
रामनवमी आयोजन – 1.39 करोड़ रुपये
दीपावली आयोजन – 63 लाख रुपये
ध्वजारोहण समारोह पर भी हुआ खर्च
रिपोर्ट में मंदिर के ध्वजारोहण समारोह पर 10.48 करोड़ रुपये खर्च होने का भी जिक्र है, इसके अलावा मरम्मत एवं रखरखाव, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), फर्नीचर, वाहन संचालन, यात्रा, फोटोग्राफी, व्हीलचेयर सुविधा, स्वयंसेवकों के भोजन, ऑडिट और कानूनी सेवाओं जैसे मदों पर भी खर्च दर्ज किया गया है.
कुल राजस्व व्यय 91.76 करोड़ रुपये
पूंजीगत निर्माण कार्यों के अलावा मंदिर के दैनिक संचालन, धार्मिक अनुष्ठानों, कर्मचारियों, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ट्रस्ट ने 91.76 करोड़ रुपये खर्च किए.
वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार—
कुल आय – 250.04 करोड़ रुपये
कुल पूंजीगत खर्च – 422.74 करोड़ रुपये
कुल राजस्व खर्च – 91.76 करोड़ रुपये
कुल व्यय – 514.50 करोड़ रुपये
अनऑडिटेड रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय तस्वीर
यह आंकड़े ट्रस्ट की अनऑडिटेड टेंटेटिव समरी फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर आधारित हैं. अंतिम ऑडिट के बाद इनमें कुछ संशोधन संभव हैं. हालांकि उपलब्ध आंकड़ों से साफ है कि राम मंदिर परियोजना का बड़ा हिस्सा अभी भी निर्माण एवं आधारभूत ढांचे के विकास पर केंद्रित है. दूसरी ओर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा, भोजन, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है.
