इटली की पिस्टल, 9mm कार्बाइन और 20+ मुकदमे, आंध्र से UP तक खौफ का दूसरा नाम था मिथुन बावरिया
शामली पुलिस ने जिस मिथुन बावरिया का एनकाउंटर किया है वह यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक खौफ का दूसरा नाम बन गया था. यूपी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना सब जगह मिलाकर उसके खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे.
सहारनपुर रेंज के शामली में देर रात पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात बावरिया गैंग का सरगना मिथुन बावरिया ढेर हो गया. उसकी क्राइम कुंडली खंगालने पर पुलिस को पता चला कि पश्चिम यूपी से लेकर दक्षिण भारत के कई राज्यों तक उसके खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
मिथुन बावरिया की कार्यशैली बेहद शातिर थी. अपराध करने के बाद वह पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में जाकर छिप जाता था, ताकि पुलिस उसके पीछे न पहुंच सके. कई बार वह महीनों तक अलग-अलग राज्यों में छद्म नाम से रहता था. एनकाउंटर के बाद शामली पुलिस अन्य राज्यों(आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना) की पुलिस के संपर्क में है. सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक मिथुन बावरिया पर उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश दोनों में इनाम घोषित था.
मिथुन बावरिया के पास मिले आधुनिक हथियार
मुठभेड़ के बाद पुलिस को उसके पास से इटली मेड पिस्टल और 9 एमएम कार्बाइन मिली. पुलिस यह जांच रही है कि ये अत्याधुनिक हथियार उसके पास पहुंचे कैसे और किस चैनल से सप्लाई हुए.
हर बार नाम बदल लेता था मिथुन बावरिया
बता दें कि मिथुन बावरिया बावरिया गैंग का सरगना था, जो हाईवे, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास लूट, डकैती सहित कई घटनाओं को अंजाम देता था. गैंग के सदस्य छद्म नाम रखते हैं और गिरफ्तारी की स्थिति में अपनी असली पहचान छिपाते हैं. मिथुन खुद भी हर गिरफ्तारी में अपना नाम बदलकर बताता था.
बड़ी वारदात के फिराक में था मिथुन बावरिया
जांच में पता चला कि वह और उसके साथी शामली में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे. वारदात से पहले वे एक स्थान पर रुके और शराब पी. इसी दौरान पुलिस की घेराबंदी में वे फंस गए और मुठभेड़ में मिथुन बावरिया पुलिस की गोली से ढेर हो गया. उसके साथी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
सहारनपुर डिवीजन 2 महीनों में 7वीं मुठभेड़
मिथुन के मारे जाने के साथ ही यह सहारनपुर डिवीजन में दो महीनों के भीतर सातवीं बड़ी पुलिस मुठभेड़ बन गई है. इससे पहले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में नईम कुरैशी, मेहताब, इमरान सहित छह कुख्यात अपराधी पुलिस कार्रवाई में मारे जा चुके हैं. पुलिस अब मिथुन के नेटवर्क, फरार साथियों और हथियार सप्लाई चेन की गहन जांच में जुटी है.