गजब! स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं, फिर भी कंपनी भेज रही बिल; EESL को नोटिस जारी

ईईएसएल कंपनी पर शहर की स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. सहारनपुर नगर निगम ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. लाइटों की मरम्मत नहीं हो रही है और बिल समय पर भेजे जा रहे हैं. कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है.

नगर निगम ने EECL कंपनी को भेजा नोटिस Image Credit:

सहारनपुर में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है. स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने के बावजूद ईईएसएल कंपनी नगर निगम को बिल भेज रही है. वहीं, अब नगर निगम ने ईईएसएल (EESL) कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में कंपनी से 4 सितंबर तक जवाब मांगा गया है. साथ ही अनुबंध रद्द करने और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है.

नगर निगम के नगरायुक्त शिपू गिरि ने ईईएसएल कंपनी पर अनुबंध के अनुसार काम नहीं करने का आरोप लगाया है. साथ ही नगर निगम की छवि धूमिल करने ओर सरकारी धनराशि के गबन के प्रयास का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अब नगर निगम ने स्वयं लाइटों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है.

2019 में EESL से हुआ था अनुबंध

नगर निगम का नोएडा की ईईएसएल कंपनी के साथ 27 सितंबर 2019 को लाइटों के सम्बंध में एक अनुबंध हुआ था. अनुबंध के तहत नगर सीमा क्षेत्र में ईईएसएल कंपनी द्वारा कुल 54165 लाइट लगायी गयी थी. इन लाइटों के देखभाल का काम ईईएसएल द्वारा ही किया जाना था. लेकिन कंपनी द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम नहीं किया गया.

नगर निगम अधिशासी अभियंता और पथ प्रकाश प्रभारी वीबी सिंह ने बताया कि ईईएसएल कंपनी के पास मरम्मत में प्रयुक्त होने वाले मुख्य उपकरण व वाहन (स्काई लिफ्ट) नहीं है. साथ ही लाइटों की मरम्मत के लिए आवश्यकतानुसार सामग्री भी नहीं है, जिससे लाइटों के मरम्मत का कार्य प्रभावित होता है. कंपनी के पास लाइटों को बदलने के लिए स्पेयर पार्ट्स भी नहीं है.

कंपनी को 20 पत्र लिखे गये, नहीं मिला जवाब

वीबी सिंह ने बताया कि कंपनी द्वारा अनुबंध के अनुसार मरम्मत कार्य की संयुक्त रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा रही है. जिसमें उल्लेख होता है कि 48 घण्टे के भीतर लाइट मरम्मत हो रही है या नहीं, जिससे इसका आकलन नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके लिए ईईएसएल कंपनी को 20 पत्र लिखे गये, लेकिन कंपनी द्वारा कोई उत्तर दिया गया.

उन्होंने कहा कि ईईएसएल कंपनी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है. लेकिन इसके बावजूद बिना कार्य किये अनुरक्षण मद की धनराशि के भुगतान हेतु कंपनी द्वारा बिल प्रस्तुत किये जा रहे हैं. जिससे शासकीय धनराशि के गबन के प्रयास करने की मंशा दृष्टिगत होती है. कंपनी को कारण बताओं नोटिस भेजा गया है. साथ ही 4 सितंबर तक अपना जवाब देने को कहा गया है.