थाईलैंड भागने वाला था कफ सिरफ माफिया भोला, कोलकाता में अरेस्ट; करोड़ों का फर्जी नेटवर्क बेनकाब
कफ सिरप माफिया भोला जायसवाल को थाईलैंड भागने से पहले कोलकाता में गिरफ्तार किया गया है. उसने दिल्ली से झारखंड तक करोड़ों का फर्जी नेटवर्क फैलाया था. पुलिस पूछताछ में 25 करोड़ के नकली बिलिंग और गुप्त गोदाम का खुलासा हुआ है. उसका सीए भी जांच के दायरे में है. सोनभद्र पुलिस इस बड़े ड्रग रैकेट के तार नोएडा-गाजियाबाद तक जोड़ रही है.
दिल्ली से यूपी के सोनभद्र और झारखंड के रांची तक कफ सिरफ का नेटवर्क फैला चुके माफिया भोला प्रसाद जायसवाल थाईलैंड भागने की फिराक में था. खुफिया इनपुट पर पुलिस ने उसे कोलकाता में दबोच लिया है और ट्रांजिट रिमांड पर उसे लेकर सोनभद्र आई है. इस माफिया और इसके परिवार से पूछताछ में पुलिस ने हजारों करोड़ के नेटवर्क का खुलासा किया है. यह ड्रग्स माफिया रांची में शैली ट्रेडर्स के नाम से नकली बिलिंग कर करोड़ों की कोडीन कफ सिरफ विभिन्न जिलों में भेजता था.
सोनभद्र पुलिस के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में इसने स्वीकार किया है कि झारखंड में उसका गुप्त गोदाम है. इसी गोदाम से देश के अलग अलग हिस्सों में कफ सिरफ की सप्लाई होती थी. उसके अवैध कारोबार में वित्तीय लेनदेन सीए विष्णु अग्रवाल संभालता था. भोला के इस कबूलनामे के बाद यूपी पुलिस की SIT और चार अलग अलग जिलों की पुलिस ने नए एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस की पूछताछ में भोला ने बताया कि वह इस धंधे में अकेले नहीं था. बल्कि उसका धंधा ड्रग्स सप्लाई चेन पर अधारित था.
मौके पर नहीं मिली कंपनी
आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस टीम रांची में दबिश देने पहुंची, लेकिन वहां शैली ट्रेडर्स नामक कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला. जबकि कागजों में उसे मुख्य बुकिंग सेंटर बताया गया है. आरोपी ने बताया कि रांची के एक गोदाम में फर्जी बिल बनाकर अपने नेटवर्क को ऑपरेट करता था. पुलिस के मुताबिक अब आरोपी के CA विष्णु की तलाश में दबिश तेज कर दी गई है. अब तक की जांच में 25 करोड़ के फर्जी कारोबार का खुलासा हुआ है. हालांकि सीए के पकड़े जाने पर यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है.
चार जिलों में 25 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के मुताबिक अभी तक भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र आदि चार जिलों में 25 करोड़ रुपये का फर्जी लेनदेन पकड़ा गया है. जिन संस्थानों के नाम से बिलिंग हुई है, उनमें अधिकतर फर्म धरातल पर हैं ही नहीं. बावजूद इसके इन कागजी कंपनियों के जरिए प्रतिबंधित सिरफ की लाखों शीशियां बिना किसी चेकिंग के एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाई जा रही थीं. पहली बार इस नेटवर्क का खुलासा दो महीने पहले यानी 18 अक्टूबर को हुआ था. उस समय सोनभद्र पुलिस ने 1,19,675 शीशियां बरामद की थीं. इनकी कीमत 3 करोड़ 50 लाख रुपये बताई गई थीं.
गाजियाबाद-नोएडा से भी जुड़े तार
सोनभद्र एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक इस नेटवर्क नोएडा-गजियाबाद से लेकर रांची झारखंड तक जुड़े है. सोनभद्र में भी कई दुकानों पर इस नेटवर्क की दवाइयां सप्लाई होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराई गई. इस दौरान पता चला कि रावर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में भोला प्रसाद जायसवाल की दो कंपनियां जिसमें शैली ट्रेडर्स द्वारा जनपद भदोही चंदौली वाराणसी और सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ. वहीं दूसरी कंपनी मां कृपा मेडिकल एवं मैसेज के नाम से पाई गई है.
रिपोर्ट: मोहित मिश्रा, सोनभद्र
