ग्रेटर नोएडा में भूमाफियाओं का गजब खेल! प्राधिकरण की ही जमीन बेच डाला; जांच शुरू

ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की करोड़ों की सरकारी जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन की भूमाफियाओं ने मिलकर फर्जी रजिस्ट्री कर दी. शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO ने तत्काल कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन का फर्जीवाड़ा

ग्रेटर नोएडा के पतवारी गांव में भूमाफियाओं का बड़ा कारनामा सामने आया है. जहां प्राधिकरण की करोड़ों की सरकारी जमीन फर्जी तरीके से बेच दी गई. सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नाम दर्ज है इसके बावजूद उसके रजिस्ट्री करा दी गई. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO ने तत्काल कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

शिकायतकर्ता श्याम सिंह भाटी का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज जमीन को निजी तौर पर बेच दिया गया. इतना ही नहीं इसी जमीन पर आगे और प्लाट बेचने के लिए एग्रीमेंट भी किया गया. उन्होंने बताया कि पतवारी गांव के खसरा नंबर 371 374 और 377 की जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के नाम दर्ज है. वहां कब्ज कर निर्माण भी कर दिया गया है.

निर्माण को हटाने के साथ दोषियों पर FIR के निर्देश

आरोप यह भी है कि 2011 में करीब डेढ़ सौ वर्ग मीटर जमीन का बैनामा एक महिला के नाम कराया. जो किसी बड़े अधिकारी की पत्नी बताई जा रही है. इसके बाद 2024 में इस जमीन से जुड़े कुछ हिस्से के एग्रीमेंट भी किए गए. फिर महिला के बैंक खाते से यह पूरी राशि भूमाफियाओं के अकाउंट में ट्रांसफर की गई. अब प्राधिकरण ने सीईओ ने मामले का संज्ञान लिया.

प्राधिकरण के सीईओ की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया है जिसमें साफ-साफ लिखा गया है कि आखिर ऐसे वह कौन लोग हैं जिनकी संरक्षण से प्राधिकरण की सरकारी जमीन को भूमि अधिकारी की पत्नी को बेच डाला. मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जिसमें अवैध कब्जों और निर्माण को हटाने के साथ दोषियों पर FIR दर्ज करने का निर्देश है.

निबंधन विभाग ने भी पूरे मामले में जांच की बात की

प्राधिकरण के सीईओ ने यह भी बताया कि यदि जांच में प्राधिकरण के किसी अधिकारी की संयुक्त सामने आती है तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. वहीं निबंधन विभाग ने भी अब इस पूरे मामले में जांच की बात की है. एआईजी द्वितीय बृजेश कुमार का कहना है कि अगर ऐसा हुआ है तो पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.