रामचेत मोची के परिवार की फिर मदद करेंगे राहुल गांधी, पोती के इलाज का उठाया जिम्मा
साल 2024 में जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आए थे तो उन्होंने रामचेत मोची से मुलाकात की थी. उस वक्त भी रामचेत मोची की राहुल गांधी ने आर्थिक और मानवीय आधार पर मदद की थी. अब उनके निधन के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर उनके परिवार की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना बयान दर्ज कराने सुल्तानपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंचे. इस दौरान एक बार फिर वह रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे. उनके परिवार का हालचाल जाना. बता दें कि रामचेत मोची का कैंसर से निधन हो चुका है.
साल 2024 में रामचेत मोची से मिले थे राहुल गांधी
साल 2024 में जब राहुल गांधी सुल्तानपुर आए थे तो उन्होंने रामचेत मोची से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने रामचेत मोची के साथ जूते भी सिले थे. उस वक्त भी रामचेत मोची की राहुल गांधी ने आर्थिक और मानवीय आधार पर मदद की थी. उन्होंने रामचेत मोची को जूते सिलने वाली मशीन दी थी.
राहुल गांधी दिया हरसंभव मदद का आश्वासन
रामचेत के निधन पर राहुल ने परिवार को कॉल कर सांत्वना दी थी. परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया था. मदद भी की थी. अब राहुल गांधी ने परिवार को फिर से मदद करने की बात कही है. रामचेत के बेटे ने बताया कि भैया (राहुल गांधी) ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या या परेशानी की स्थिति में सीधे फोन करने को कहा है.
रामचेत मोची के पोती के इलाज का उठाया जिम्मा
राहुल ने दुकान पर मौजूद रामचेत मोची की पोती को गोद में लेकर खिलाया. इस दौरान उन्हें छोटी की तबीयत की जानकारी हुई. पता चला कि छोटी बच्ची के पैरों में चोट लगी है. यह ठीक नहीं हो रही, जिससे पैर संक्रमित होने लगा है. बच्ची की हालत देख राहुल गांधी ने तुरंत संज्ञान लिया और बेहतर इलाज के लिए कांग्रेस के नेताओं को निर्देश दिए हैं.
क्यों सुल्तानपुर आए थे राहुल गांधी
राहुल गांधी आज भारी सुरक्षा के बीच सुल्तानपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने MP-MLA अदालत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सीआरपीसी 313 के तहत बयान दर्ज कराया. कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को करेगी.
