महिला आरक्षण: यूपी विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सपा ने कसी कमर, 16 सूत्रीय निंदा प्रस्ताव किया पारित
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पारित न होने पर केंद्र सरकार और बीजेपी विपक्ष पर हमलावर है. योगी सरकार महिला आरक्षण बिल को लेकर 30 अप्रैल को विधानसभा में विशेष सत्र आयोजित कर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की तैयारी में है. वहीं, समाजवादी पार्टी ने इसके विरोध में ‘अति निंदा प्रस्ताव‘ पारित किया है.
यूपी विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र कल यानी गुरुवार को बुलाई गई है. योगी सरकार महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी. वहीं, प्रदेश की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने भी बुधवार को महिला आरक्षण बिल लागू में देरी और ‘कोटा के भीतर कोटा’ न देने पर बीजेपी के खिलाफ ‘अति निंदा प्रस्ताव’ पारित किया.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर संविधान संशोधन विधेयक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने से गिर गया था. इस विरोध के बाद यूपी सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सपा और कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना बनाई थी. इसपर अब सपा विधायक दल की बैठक में बहुमत से 16 सूत्रीय निंदा प्रस्ताव पेश पास हुआ.
विपक्ष के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार- अखिलेश यादव
सपा कार्यालय में फौरन महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की गई. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ विधायक माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा, ‘हम सरकार के प्रस्ताव के विरोध में अति निंदा प्रस्ताव लाते हैं. और हम इसके जरिए बीजेपी सरकार का विरोध करते हैं क्योंकि वो पहले से पारित महिला आरक्षण बिल को लागू नहीं कर रहे.’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पास होकर कानून बन गया है. सरकार चाहे तो अगले चुनाव में लागू कर सकती है लेकिन बीजेपी सरकार इसे लागू नहीं करना चाहती है. विपक्ष के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार कर रही है. बीजेपी महिला विरोधी है. ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए ‘कोटा के भीतर कोटा’ नहीं दे रही है.
प्रस्ताव में विधायक सैय्यदा खातून का कहना था कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि बीजेपी ने महिला आरक्षण में पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है. साथ ही बैठक में बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए महिलाओं की एकता को तोड़ना समेत 16-सूत्रीय निंदा प्रस्ताव पारित किया है.
सपा के 16-सूत्रीय निंदा प्रस्ताव में क्या-क्या है?
- प्रस्ताव में जातिगत जनगणना
- कोटा के भीतर कोटा
- परिसीमन का विरोध
- सशक्तिकरण पर सवाल
- भाजपा की मंशा पर सवाल
- कार्यस्थल पर वातावरण
- प्रतिनिधित्व की कमी
- सम्मान में कमी
- भ्रम पैदा करना
- सकारात्मक भूमिका पर रोक
- स्वतंत्रता पर सवाल
- स्वास्थ्य की उपेक्षा
- जल्दबाजी पर सवाल
- महिलाओं की एकता को तोड़ना
- पितृसत्तात्मक सोच
- अधूरी नीति
