UP में सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा आज से, 6 जिलों में बनाए गए कुल 53 सेंटर

उत्तर प्रदेश में आज से सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा कुल चार पालियों में आयोजित की जाएंगी. इसके लिए 6 शहर में कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए सीसीटीवी निगरानी, जिला कंट्रोल रूम से कनेक्टिविटी और हर केंद्र पर प्रेक्षक की तैनाती जैसे कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

यूपी में सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा आज से Image Credit:

उत्तर प्रदेश में सहायक आचार्य भर्ती की परीक्षा शनिवार से आयोजित हो रही है. यह परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को चार पालियों में सम्पन्न होंगे, जिसके लिए 6 प्रमुख शहरों में 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सरकार नकल विहीन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने के अपने संकल्प को लेकर प्रतिबद्ध है. इसके तहत सीसीटीवी निगरानी, जिला कंट्रोल रूम स्थापित की गई है.

सहायक आचार्य भर्ती की परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने तैयारी पूरी कर ली है. आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार (पूर्व आईपीएस) ने प्रदेश के 6 प्रमुख जनपद आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के 53 परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की गहन समीक्षा की. सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हैं.

आयोग ने हर जिले में एक-एक प्रेक्षक की तैनाती की

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा कक्षों और महत्वपूर्ण स्थानों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिन्हें जिला कंट्रोल रूम और आयोग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है. आयोग स्तर से इनकी कनेक्टिविटी का परीक्षण भी सफलतापूर्वक कर लिया गया है, जिससे हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा सके.

हर जिले में आयोग के एक-एक सदस्य को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया गया है, जो मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं. इसमें गोरखपुर जिले में डा. कृष्ण चन्द्र वर्मा, प्रयागराज में डा. हरेन्द्र कुमार राय, वाराणसी में विमल कुमार विश्वकर्मा, आगरा में कीर्ति गौतम, मेरठ में प्रो. राधाकृष्ण एवं लखनऊ में योगेन्द्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किया गया हैं.

पर्याप्त पुलिस बल तैनात, नकल पर होगी कड़ी कार्रवाई

साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी. केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा. योगी सरकार के निर्देशों के तहत संदिग्ध और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी. नकल कराने या परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन समेत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करें. साथ ही किसी भी अफवाह से बचते हुए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं ‘X’ हैण्डल @upesscprayagraj पर सूचनाओं के संबंध में पुष्टि कर लें.

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