योगी सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के लिए जारी हुआ हीटवेव सुरक्षा प्रोटोकॉल
योगी सरकार ने बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्कूलों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किया है. इसमें शिक्षकों को छात्रों को जागरूक करने, लक्षणों की पहचान, प्राथमिक उपचार और स्कूल-स्तरीय हीट एक्शन प्लान लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘टीचर्स गाइडलाइन-2026’ जारी किया है. यह बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्कूलों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल है. बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन का उद्देश्य छात्रों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखना है. इसके लिए शिक्षकों को स्कूल हीट एक्शन प्लान लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है.
अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार की गई इस गाइडलाइन में शिक्षकों को हीटवेव से बचाव, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान करने, प्राथमिक उपचार देने और छात्रों को सुरक्षित रखने के उपायों की जानकारी दी गई है. साथ ही हर स्कूलों में एक हेल्थ नोडल टीचर बनाने के भी निर्देश हैं.
आउटडोर एक्टिविटीज सुबह 10 बजे से पहले
गाइडलाइन में साफ़ तौर पर कहा गया है कि स्टूडेंट्स को हीट वेव से बचाने में टीचर्स सबसे ज़रूरी कड़ी होंगे. शिक्षक सुबह की प्रार्थना सभा, कक्षा शिक्षण और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को गर्मी से बचाव के उपाय बताएंगे. साथ ही स्कूलों में हेल्थ नोडल टीचर बनाए जाएंगे, जो टीचर, स्टाफ और स्टूडेंट्स के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करेंगे.
स्कूल कैंपस में खास जगहों पर हीटवेव से बचाव और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर के बारे में मैसेज दिखाए जाएंगे. यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हर स्कूल में फर्स्ट एड किट, ORS, एक डिजिटल थर्मामीटर और 108 एम्बुलेंस सर्विस सहित ज़रूरी मेडिकल कॉन्टैक्ट इंतज़ाम हों. इसके अलावा, स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज़ सुबह 10 बजे से पहले की जाएंगी.
स्टूडेंट्स को हर 30 मिनट में पानी पीने के लिए बढ़ावा
गाइडलाइन के मुताबिक, ऑरेंज या रेड हीटवेव अलर्ट के दौरान, सभी फिजिकल और आउटडोर एक्टिविटीज़ बंद रहेंगी. इसके साथ ही, छात्रों को नियमित रूप से पानी पीने, तेज धूप से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने के लिए प्रेरित किया जाएगा. टीचर की ओर से अपने स्टूडेंट्स को हर 20 से 30 मिनट में पानी पीने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा.
यूपी सरकार ने अस्थमा, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और दिव्यांग बच्चों की विशेष निगरानी पर भी जोर दिया है. इसके साथ ही, स्कूलों में ‘क्या करें और क्या न करें’ पोस्टर के ज़रिए बच्चों, पेरेंट्स और स्कूल कम्युनिटी को भी जागरूक किया जाएगा. साथ ही सरकार ने हीटवेव अलर्ट पर नजर रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल करने के भी निर्देश दिए हैं.
