ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ हड़पे, देशभर में 13 शिकायतें; गाजियाबाद से दो जालसाज गिरफ्तार
सहारनपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम, पासबुक समेत ठगी में प्रयुक्त उपकरण बरामद हुए. गिरफ्तार आरोपियों में एक बिहार और दूसरा झारखंड का रहने वाला है.
सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, बेहट रोड निवासी कारोबारी अंशुल गुप्ता ने 16 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि उन्हें KU COIN (MINGCOIN Trading Platform) के जरिए अधिक मुनाफे का लालच देकर कुल 1,31,25,200 रुपये की ठगी की गई. इसी मामले में थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
मोबाइल लोकेशन पर गाजियाबाद से दोनों गिरफ्तार
जांच के दौरान साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सद्दाम (मूल निवासी छपरा, बिहार) और जावेद अंसारी (मूल निवासी धनबाद, झारखंड) को खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया. इनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंक पासबुक, पासपोर्ट समेत कई संदिग्ध चीजें मिली हैं.
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित के 4 लाख आरोपियों के एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे. खाते के दस्तावेजों में दिए गए पते फर्जी पाए गए. मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ देशभर में साइबर ठगी से जुड़ी 13 शिकायतें दर्ज हैं.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के झांसे में आकर निवेश न करें
एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करने वाली साइबर क्राइम टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के झांसे में आकर निवेश न करें, अपना OTP किसी से साझा न करें.
साथ ही किसी के साथ अपना ओटीपी, बैंक डिटेल या निजी जानकारी साझा न करें. साथ ही आम लोगों को सलाह दी गई है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.
