स्मार्ट मीटर पर कनेक्शन कटने से बचें! 50% भरने पर इतने दिन मिलेगी बिजली, UPPCL का नया फरमान

यूपी में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कट रहे हैं. अब इसको लेकर UPPCL ने नया नियम जारी किया है. बकाया राशि का 50% चुकाकर कुछ दिन की राहत पा सकते हैं. इस दौरान पूरा बकाया चुकाना पड़ेगा, नहीं तो कनेक्शन फिर कटेगा. जानें नए नियम और रिचार्ज पॉलिसी.

यूपी में स्मार्ट मीटर का नया रिचार्ज पॉलिसी

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों की शुरुआत ने उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है. राज्य में 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70.50 लाख मीटर अब पूरी तरह प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं. 13 मार्च से इन मीटरों को पूरी तरह ‘लाइव’ कर दिए जाने के बाद नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन खुद कटने लगे हैं.

कई शहरों में उपभोक्ता विभाग के चक्कर काट रहे हैं, क्योंकि उनका कनेक्शन अचानक बंद हो गया है. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इस समस्या को देखते हुए नया आदेश जारी किया है. अब निगेटिव बैलेंस के कारण कनेक्शन कटने पर 50% बकाया चुकाकर तीन दिनों के लिए बिजली पा सकेंगे, लेकिन यह सुविधा एक बार ही मिलेगी.

तीन दिनों में पूरा बकाया नहीं चुकाया तो फिर कटेगी बिजली

UPPCL की ओर से जारी फरमान के मुताबिक, उपभोक्ता बकाया राशि का 50 प्रतिशत जमा करके अपने कनेक्शन को तीन दिनों के लिए जुड़वा सकता है. इसके बाद इन तीन दिनों में उपभोक्ता को पूरा बकाया चुकता करना होगा या बैलेंस को पॉजिटिव बनाना होगा. अगर तीन दिनों के अंदर ऐसा नहीं होता, तो कनेक्शन दोबारा के फिर खुद ही कट जाएगा.

नेगेटिव बैलेंस पर हर रिचार्ज पर एक हिस्सा बकाया में जाएगा

UPPCL ने बकाया राशि की वसूली के लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं. इसमे कहा गया है कि अगर स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव है तो जब भी रीचार्ज करेंगे, उसका एक हिस्सा बकाया राशि के लिए कट जाएगा. उदाहरण के तौर पर 10 हजार रुपये तक बकाया है तो रिचार्ज का 10% बकाया में जाएगा. 10-15 हजार रुपये पर 15%, 15-20 हजार पर 20% बकाया का कटेगा.

प्रदेश में 50 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर खातों में बैलेंस नेगेटिव

पावर कॉरपोरेशन ने यह फैसला पिछले दो दिनों से जारी दिक्कतों को देखते हुए लिया है. प्रदेश में 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के मीटर खातों में बैलेंस नेगेटिव है. इसलिए समय पर रिचार्ज करें ताकि नेगेटिव बैलेंस न बने. यह व्यवस्था बिजली चोरी रोकने और वसूली बढ़ाने के लिए लाई गई है, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित होने वाली है.

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