ऊर्जा, AI और रक्षा क्षेत्र को मिली नई रफ्तार… दावोस 2026 में UP ने 9750 करोड़ के MoU किए
दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश ने ₹9,750 करोड़ के महत्वपूर्ण MoU किए. स्वच्छ ऊर्जा, AI, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और रक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित हुआ. सेल इंडस्ट्रीज, सिफी टेक्नोलॉजीज और योमन से करार हुए. ये साझेदारियां यूपी में विकास को गति देने में निर्णायक होगी.
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में हिस्सा लिया. इसका नेतृत्व वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने की. राज्य की निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा एजेंसी इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में प्रतिनिधिमंडल ने कई रणनीतिक बैठकों में भाग लिया और महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए.
ये प्रयास उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे भविष्य के लिए तैयार (Future-ready) और निवेशकों के लिए अनुकूल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं. दावोस में यूपी ने ₹9,750 करोड़ के MoU किए. इनमें स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, AI और रक्षा विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की मजबूत संभावनाएं दिखाई हैं.
कई कंपनियों के साथ B2G बैठकें, इनके साथ किए MoU
प्रमुख MoU में सेल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (SAEL Industries Ltd) के साथ 8,000 करोड़ के वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, सिफी टेक्नोलॉजीज़ (Sify Technologies) के साथ 1,600 करोड़ के AI-रेडी डेटा सेंटर और नोएडा में AI सिटी विकसित करने का समझौता और योमन (Yeoman) के साथ 150 करोड़ के रक्षा विनिर्माण और वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन शामिल है.
दिन की शुरुआत लुई ड्रेफस कंपनी के साथ बैठक से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उबर टेक्नोलॉजीज़, ऑटोमेशन एनीवेयर, कॉल्ड्रन, पेप्सीको, एचसीएल सॉफ्टवेयर, वेल्थ डोर, अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड, गूगल क्लाउड, ग्रीनको और डेलॉयट साउथ एशिया सहित कई प्रमुख वैश्विक और भारतीय कंपनियों के साथ B2G बैठकें कीं.
उबर के साथ नोएडा में GCC स्थापित करने पर फोकस
प्रतिनिधिमंडल ने कार्बन कंपास के संस्थापक एवं CEO नीरज अग्रवाल (आईआईटी कानपुर और एमआईटी के पूर्व छात्र तथा पूर्व नासा वैज्ञानिक) से भी संवाद किया और क्लाइमेट इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी भविष्य-केंद्रित संभावनाओं पर चर्चा की. उबर के साथ निवेश विस्तार, मोबिलिटी पार्टनरशिप और नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने चर्चा की.
इन बैठकों और साझेदारियों के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में ठोस अवसर सामने आए हैं, जो प्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास के विजन के अनुरूप हैं. प्रतिनिधिमंडल ने योगी सरकार की मजबूत नीतिगत व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारियों का रोडमैप पर प्रसतुत किया.
आर्थिक प्रगति और वैश्विक एकीकरण को मिलेगी गति
कुल मिलाकर, दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी वैश्विक निवेश आकर्षित करने और परिवर्तनकारी साझेदारियां विकसित करने की राज्य सरकार की सक्रिय रणनीति को दर्शाती है. यह पहल आने वाले समय में नए सहयोगों का मार्ग प्रशस्त करेगी. साथ ही उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और वैश्विक एकीकरण को और तेज गति देगी.
