हाईकोर्ट के फैसले के 48 घंटे के भीतर दालमंडी में फिर से ध्वस्तीकरण शुरू; स्थानीय बोले- ये प्रशासन की गुंडागर्दी

वाराणसी की दालमंडी में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के 48 घंटे के भीतर ही प्रशासन ने फिर से ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया है. 13 भवनों को तोड़ा जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग तीव्र विरोध कर रहे हैं. निवासियों का आरोप है कि यह प्रशासन की "गुंडागर्दी" और अवैध कार्रवाई है.

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दालमंडी में तोड़फोड़ फिर से शुरू

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिले अंतरिम राहत के 48 घंटे भी नहीं बीते कि प्रशासन ने दालमंडी में फिर से तोड़फोड़ और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है. रविवार को 13 भवनों को तोड़ा जा रहा है, इनमें 8 नगर निगम और 5 वीडीए के भवन हैं. वहीं, स्थानीय लोग इसका जबरदस्त विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि ये प्रशासन की गुंडागर्दी है.

दालमंडी के रहने वाले और वकील आमिर हाफ़िज ने इसे अवैध बताया है. उन्होंने कहा कि जिन भवनों को आज तोड़ा जा रहा है, उनके अगेंस्ट 12 और 20 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट से स्टे का आदेश था. लेकिन ये इतनी जल्दी में कार्रवाई कर रहे हैं कि इनको घबराहट है कि हम हाईकोर्ट ना चले जाएं. ये हमलोगों को कोर्ट जाने का मौका तक नहीं दे रहे हैं.

हम रजिस्ट्री ही नहीं करेंगे तो ये प्रॉपर्टी को लेंगे कैसे?

वकील आमिर हाफ़िज का कहना है कि ये प्रशासन की गुंडागर्दी है. नगर निगम और वीडीए जिनको सरकार का प्रश्रय है, इनका डेवलपमेंट करने का कोई इरादा नहीं है. ये सिर्फ मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों को बेघर करने की साज़िश कर रहे है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में साम्प्रदायिक ध्रुविकरण कर के इसका सियासी लाभ लिया जा सके.

उन्होंने कहा कि, ‘लेकिन प्रशासन के लोग ये जान लें कि उनके अवैध तरीके से भवनों को तोड़ने से प्रॉपर्टी उनकी नहीं हो जाएगी. हम रजिस्ट्री ही नहीं करेंगे तो ये अपने कब्जे में प्रॉपर्टी को लेंगे कैसे? दालमंडी के व्यापार मंडल के अध्यक्ष फारुख खान की भी दुकान C 1/19 आज तोड़ दी गई. फारुख खान ने कहा कि आज दालमंडी में कार्रवाई नहीं गुंडागर्दी हो रही है.

जिन पर रिलीफ मिली है उनको अलग रखा गया- ASP

फारुख खान ने बताया कि उनकी कपड़े की दुकान थी, वो भी सिर्फ एक फ्लोर की छोटी सी दुकान. वो कैसे अवैध हो गई? उसके ऊपर तो कोई कंस्ट्रक्शन भी नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि ये अवैध तरीके से दालमंडी के लोगों को परेशान किया जा रहा है. वहीं, एडीएम सिटी डॉक्टर राजेश कुमार से जब बात की तो उन्होंने कहा कि ‘मैं बाद में ब्रीफ करूंगा’.

जबकि पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह ने कुछ भी कहने से मना कर दिया. लेकिन एसीपी दशास्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने ये जरूर कहा कि आज की कार्रवाई 13 भवनों पर हो रही है, जिनमें नगर निगम की 8 और बाकी वीडीए से संबंधित हैं. हाईकोर्ट से जिन प्रॉपर्टी को रिलीफ मिली है उनको इससे अलग रखा गया है उनपर स्टेटस को मेंटेन रखा गया है.

हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का दिया था आदेश

आज की कार्रवाई को लेकर प्रॉपर संख्या में फ़ोर्स डिप्लोय किया गया है. ड्रोन से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है और उनकी रिकॉर्डिंग कराई जा रही है. दरअसल, हाईकोर्ट ने बीते दिन ही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. साथ ही अगली सुनवाई (20 जुलाई 2026) तक प्रभावित संपत्ति की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था.

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