दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने पहुंची पुलिस, युवक ने दुकान में लगा दी आग; मचा हड़कंप

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच आगजनी कर दी गई. मकान मालिक ने पेट्रोल छिड़ककर दुकान में आग लगा दी. घटना में नीचे खड़े पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे, मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, आग लगाने वाला छत से होते हुए फरार हो गया.

दालमंडी में ध्वस्तीकरण के बीच आगजनी Image Credit:

वाराणसी की दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ अब हिंसक विरोध शुरू हो गया है. नोटिस के बाद मकानों को तोड़ा जाना था, लेकिन इस बीच आगजनी कर दी गई. मकान के मालिक ने पेट्रोल डालकर दुकान को आग लगा दी. इस दौरान पुलिस प्रशासन बाल-बाल बची, घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा है. दालमंडी में भारी पुलिस बल तैनात है.

दालमंडी में चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहर 21 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी, इसके लिए मौके पर भारी संख्या में फ़ोर्स लगाया गया था. लेकिन कार्रवाई शुरू होने के थोड़ी ही देर में लोगों का विरोध मुखर होने लगा. इतने में अहमद नाम का युवक पेट्रोल डालकर दुकान पर आग लगा दिया, इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

पेट्रोल छिड़ककर छत होते हुए आरोपी फरार

दालमंडी चौड़ीकरण के तहत मकान संख्‍या सीके 39/9 पर ध्‍वस्‍तीकरण की कार्रवाई होनी थी. कई दुकानदार और मकान मालिक इसका विरोध कर रहे थे इतने में अहमद अली नाम के व्यक्ति ने पास के अपने दुकान के अगले हिस्से में पेट्रोल छिकड़कर आग लगा दी. आग फैलती देख युवक खुद को बचाने के लिए अंदर कमरे में चला गया.

जब मौके पर मौजूद पुलिस बल ने युवक को काबू में करने की कोशिश की, तो उसने मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. इसके बाद पुलिस से बचने के लिए वह छत होते हुए फरार हो गया. लोगों का आरोप है कि अब प्रशासन खुलकर गुंडई कर रहा है. हमारे पास कोई चारा नही है सिवाय अपनी पीड़ा बताने के जिसे विरोध करने का नाम दिया जा रहा है.

घरों को जबरदस्ती जर्जर घोषित कर तोड़ा जा रहा

एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने कहा कि घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है. पुल‍िस के अनुसार, आगजनी मकान नंबर सीके 40/71 में की गई है. इसके माल‍िक रहमत अली पुत्र अहमद अली ने आग लगाई. पुलिस ने मामले में अहमद के भाई समेत तील लोगों को पकड़कर थाने ले गई है. पुलिस आरोपी अहमद की तलाश में जुटी है.

आसपास के लोगों का आरोप है कि प्रशासन घरों को जबरदस्ती जर्जर घोषित कर तोड़ रहा है. ना कोई मुआवजा ना ही कोई पूनर्वास की योजना है, ऐसे में हम परिवार लेकर कहां जाएं. ये पहली बार है जब लोगों ने खुलकर चौड़ीकरण का विरोध शुरू किया है. वहीं, घटना के बाद से दालमंडी में तनाव बढ़ गया है, भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है.