कौशांबी के CO ट्रैफिक जाएंगे जेल! कोर्ट की अवमानना पड़ी भारी, जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट

कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को आठ साल पुराने रेप केस में गवाही के लिए पेश न होने पर वाराणसी कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. कोर्ट की अवमानना के आरोप में 10 सितंबर तक सरेंडर न करने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है. इसी के साथ उनकी सैलरी रोकने का भी आदेश हुआ है.

डीएसपी सत्येंद्र तिवारी के खिलाफ वारंट

पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट पीड़ितों को गले लगाकर चर्चा में कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. बनारस की एससी-एसटी कोर्ट ने आठ साल पुराने एक रेप केस में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. कोर्ट के आदेश के मुताबिक 10 सितंबर तक वह कोर्ट में सरेंडर नहीं करते हैं तो उन्हें अरेस्ट कर जेल भेजा जा सकता है. इस बीच कोर्ट ने उनकी सैलरी रोकने के भी आदेश जारी कर दिए हैं.

कोर्ट ने कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ बार बार बुलाने के बावजूद गवाही के लिए हाजिर नहीं होने पर की है. वाराणसी के स्पेशल एससी /एसटी कोर्ट ने 2018 में दर्ज रेप के एक मामले में गवाही के लिए उन्हें दो बार VC (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग)के जरिए गवाही का मौका दिया, लेकिन वह हाजिर नहीं हो सके. फिर उन्हें तीसरा मौका दिया गया, इसमें भी हाजिर नहीं हुए तो कोर्ट ने उन्हें अरेस्ट कर अदालत में हाजिर करने के आदेश दिए हैं.

क्या है पूरा मामला?

इस मामले से जुड़े वकील अभिषेक दूबे के मुताबिक कोर्ट ने उनका वेतन रोकने और 10 सितंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है. उन्होंने बताया कि साल 2018 में वाराणसी के भेलूपुर थाने में तौफीक आलम के ख़िलाफ 376 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ था. उस मामले में विवेचक तत्कालीन सीओ भेलूपुर सत्येंद्र प्रसाद तिवारी थे. उन्हें इस मामले में गवाही के लिए बार बार बुलाया गया, लेकिन वह हाजिर नहीं हो सके. अब वो या तो 10 सितंबर तक सरेंडर करेंगे या फिर जेल जाएंगे.

कोर्ट ने खूब दिए मौके

न्यायालय के आदेश के मुताबिक पत्रावली में विवेचक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी और चिकित्सक साक्षी की गवाही होनी थी. विवेचक को पहले 13 अगस्त 2026 को जरिये वीसी तलब किया गया था. लेकिन वह तिरंगा यात्रा के कारण उपस्थित नहीं हुए. फिर उन्हें 24 अगस्त 2026 को गवाही के लिए मौका दिया गया, लेकिन उस दिन भी वह उपस्थित नहीं हुए. फिर एक सितंबर 2026 की डेट लगी और वह इसमें भी हाजिर नहीं हुए. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि साक्षी जानबूझकर हाजिर नहीं हो रहा.

अभी सुर्खियों में रहे थे सीओ तिवारी

CO सत्येंद्र प्रसाद तिवारी हाल ही में सुर्खियों में थे. दरअसल उस समय वह खूब चर्चा में आए थे, जब कौशांबी की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में सत्येंद्र तिवारी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते नजर आए थे. घटना के बाद मृतकों के परिवारों से उनका इस तरह मिलना सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा था.

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