वाराणसी में रातों-रात ढही 200 साल पुरानी मस्जिद, काशी रेलवे स्टेशन के मेगा प्रोजेक्ट के लिए चला बुलडोजर
वाराणसी में 200 साल पुरानी मस्जिद को प्रशासन ने आधी रात को महज एक घंटे के अंदर ढहा दिया. ये मस्जिद काशी रेलवे स्टेशन विस्तारीकरण योजना के आड़े आ रही थी. साथ इसे रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाया गया था. कार्रवाई के वक्त वाराणसी के थाना आदमपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
वाराणसी में काशी स्टेशन को मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाने के उद्देश्य से चल रहे विस्तारीकरण योजना के आड़े आ रही करीब दो सौ साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को ढहा दिया गया है.प्रशासन का कहना था कि रेलवे की जमीन पर ये मस्जिद खड़ी थी और विस्तारीकरण की जद में आ रही थी. यहां नया मॉडल स्टेशन बनाया जाना है और उसके लिए काम चल रहा है.
एक घंटे में ही मस्जिद कराया गया ध्वस्त
जॉइंट सीपी शिव हरि मीणा आधे दर्जन आईपीएस के साथ सैंकड़ो सुरक्षाकर्मियों और पैरा मिलिट्री फ़ोर्स के जवानों की मदद से महज एक घंटे में ही मस्जिद को ध्वस्त कराकर उसका मलबा वहां से हटा दिया गया. रात 11.15 से 12.15 के बीच पूरी कार्रवाई को अंजाम दे दिया गया.
कार्रवाई के वक्त भारी पुलिस बल था मौजूद
मीडिया सहित किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. पांच जेसीबी और दो पोकलैंड से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. फिलहाल मुस्लिम पक्ष से इस पर अभी कोई बयान सामने नहीं आ पाया है. एक्शन से पहले जेसीपी शिवहरी मीणा ने अफसरों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और कार्रवाई के लिए निर्देश दिए.काफी देर तक मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर एसीपी विजय प्रताप, कोतवाली एसीपी चेतगंज समेत कई अफसर मौजूद थे.
वाराणसी के थाना आदमपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट के पास रेलवे के इस मैदान पर अवैध मस्जिद थी, जिसे अतिक्रमण कर बनाया गया था. रेलवे के मुताबिक मस्जिद को डेढ़ महीने पहले नोटिस दी थी. लेकिन मुतवल्ली के तरफ़ से खुद कोई कार्रवाई ना करने और जवाब न देने के चलते प्रशासन द्वारा यह एक्शन लिया गया.
काशी रेलवे स्टेशन पर मिलेगी एयरपोर्ट वाली सुविधाएं
बता दें कि वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को लगभग 330-400 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाले ‘मल्टी-मॉडल हब’ या ‘इंटर मॉडल स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत ट्रेन, बस, मेट्रो और जल परिवहन (वाटर ट्रांसपोर्ट) को एक ही छत के नीचे जोड़ा जा रहा है.