वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किया ‘धर्मयुद्ध’ का शंखनाद, धीरेंद्र शास्त्री को दिया निमंत्रण

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी से 'गौ रक्षा धर्म युद्ध' और यात्रा का शंखनाद किया है. उन्होंने कहा कि सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन 35 दिन बीत जाने के बाद भी कोई संदेश नहीं आया, तब आज हमने गंगा तट पर गंगा पूजन कर अभियान का संकल्प लिया है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गऊ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध का शंखनाद किया Image Credit:

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी के केदार घाट पर ‘गऊ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध’ का शंखनाद किया. उन्होंने कहा कि आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर हमने गऊ रक्षा का संकल्प लिया. शिवाजी महाराज ने सबसे पहले गऊ रक्षा का संकल्प लिया था. उन्ही की प्रेरणा से गऊ रक्षा के लिए धर्म युद्ध का शंखनाद किया है.

शंकराचार्य ने कहा कि हमने सरकार को गऊ माता को राज्य माता का दर्जा देने और गऊ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए 40 दिन का समय दिया था. लेकिन 35 दिन बीत जाने के बाद भी कोई संदेश नहीं आया तब आज हमने गंगा पूजन कर संकल्प लिया है. कल से हमारी गऊ रक्षा अभियान की यात्रा शुरू हो रही है. 11 मार्च को लखनऊ में हम धर्मादेश देंगे.

11 मार्च को लखनऊ में बड़ी सभा को आयोजन

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट पर शाम छह बजे गंगा पूजा कर धर्म युद्ध का शंखनाद किया. साथ ही गऊ रक्षा का संकल्प लेकर सात मार्च को अपनी यात्रा के शुरू होने की घोषणा की. शंकराचार्य कल सुबह 7:30 बजे चिंतामणि गणेश की पूजा करने के बाद संकट मोचन में बजरंग बाण का पाठ करेंगे. फिर उनकी यात्रा जौनपुर के लिए रवाना होगी.

वहीं, यूपी सरकार को दिए अल्टीमेटक के 40 वें दिन गौ माता की रक्षा के लिए लखनऊ में धर्म युद्ध का शंखनाद करेंगे. इससे पहले उनकी यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, नैमिषारण्य से सिधौली और इटौंजा में पहुंचेगी. जहां वह सभा को भी संबोधित करेंगे. वहीं, 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, लखनऊ में दोपहर 2:15 बजे बड़े सभा को संबोधित करेंगे.

धीरेन्द्र शास्त्री को अभियान में शामिल होने का निमंत्रण

आज वाराणसी में बागेश्वर धाम के पीठाधिश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री भी मौजूद थे. जब धीरेन्द्र शास्त्री से पूछा गया कि आप शंकराचार्य की गऊ रक्षा अभियान और उनकी यात्रा से जुड़ेंगे? इस पर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि शंकराचार्य की यात्रा के बारे में अभी हमें कोई सूचना नहीं है. वैसे गऊ- गंगा और गीता के हर अभियान को हमारा समर्थन है.

धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान पर शंकराचार्य ने कहा कि वैसे तो गऊ रक्षा के लिए किसी को आमंत्रण नहीं भेजा जाता. लेकिन धीरेन्द्र शास्त्री को आमंत्रण की आवश्यकता ही है तो हम टीवी 9 डिजिटल के माध्यम से धीरेन्द्र शास्त्री को गऊ रक्षा के इस अभियान में शामिल होने का आमंत्रण देते हैं. शंकराचार्य ने धीरेन्द्र शास्त्री को निमंत्रण देकर बड़ा दांव खेल दिया है.