शिवपुर को लेकर क्यों टकराए योगी के दोनों राजभर मंत्री, अरविंद बोले- किसी और सीट से लड़ें अनिल
शिवपुर विधानसभा सीट को लेकर यूपी के दो राजभर मंत्रियों, अनिल राजभर और सुभासपा के अरविंद राजभर में टकराव बढ़ गया है. अरविंद ने शिवपुर पर सुभासपा का दावा करते हुए अनिल राजभर को दूसरी सीट से चुनाव लड़ने की सलाह दी है. सुभासपा आगामी चुनाव में 35 सीटों की मांग कर रही है, जिसमें शिवपुर भी शामिल है. यह 2027 चुनावों के लिए सुभासपा की रणनीति का हिस्सा है.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सुभासपा ने तैयारी शुरू कर दी है. इसी क्रम में सुभासपा के महासचिव अरविंद राजभर ने बनारस की शिवपुर विधानसभा सीट पर अपना दावा ठोंक दिया है. इस सीट पर 2022 के चुनाव में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने उन्हें कड़ी शिकस्त दी थी. इस समय अनिल राजभर यहां से सीटिंग एमएलए भी हैं. बावजूद इसके, सुभासपा की पूरी कोशिश 2022 में मिली शिकस्त की भरपायी के लिए यह सीट अनिल राजभर से छीन लेने की है.
बनारस पहुंचे सुभासपा महासचिव अरविंद राजभर का दावा किया कि इस बार पार्टी शिवपुर से जरूर लड़ेगी और विजय भी हासिल करेगी. जहां तक बात सीटिंग एमएलए अनिल राजभर की है तो, बीजेपी सुभासपा के कोटे वाली जिस सीट पर उनका नाम सजेस्ट करेगी, सुभासपा अनिल राजभर के लिए वह सीट छोड़ देगी. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बनारस की शिवपुर और आजमगढ़ की अतरौलिया व दीदारगंज सीट पर सुभासपा की तैयारी पूरी है.
35 सीटों की मांग करेगी सुभासपा
अरविंद राजभर ने कहा कि प्रदेश की 83 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सुभासपा तैयार है. हालांकि गठबंधन के तहत बड़ी पार्टी बीजेपी है और इसे तय करने का अधिकार भी बीजेपी के पास है. ऐसे में सुभासपा की ओर से शिवपुर, अतरौलिया और दीदारगंज समेत 35 सीटों की डिमांड की जाएगी. उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को सुभासपा सामाजिक समरसता रैली करने जा रही है. 50 हज़ार से ज़्यादा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटाने में पार्टी के लोग जुटे हैं. इस रैली के माध्यम से सुभासपा अपनी ताकत दिखाने जा रहा है.
रैली से 2027 का आगाज
सुभासपा महासचिव अरविन्द राजभर के मुताबिक इस रैली के जरिए उनकी पार्टी 2027 का आगाज़ करने जा रही है. इसी तरह की 63 रैलियां और होनी हैं. बनारस के पिंडरा में होने वाली यह सुभासपा की 8वीं रैली होगी. इस बातचीत के दौरान अरविंद राजभर के चेहरे पर 2022 में हार का टीस साफ तौर पर नजर आया. उस समय बीजेपी के अनिल राजभर ने सुभासपा के अरविंद राजभर को 27,687 वोटों से शिकस्त दी थी. उस समय सुभासपा सपा गठबंधन में चुनाव लड़ी थी.
क्या पूरी होगी मांग?
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार के मुताबिक चुनाव आते ही सुभासपा और निषाद पार्टी दोनों ही अपने एजेंडे के साथ एक्टिव हो जाते हैं. लेकिन बीजेपी इनके दाव को समझने लगी है. ये पॉलिटिकल बार्गेनिंग इलेक्शन से पहले अपने समाज के वोटबैंक को दिखाकर करेंगे. साथ ही एसटी /एससी रिजर्वेशन की पुरानी मांग को उठाएंगे, लेकिन इन्हें अच्छी तरह समझ चुकी बीजेपी इनकी डिमांड पूरी करे, यह असंभव है.
