29 अप्रैल को गाजीपुर जाएंगे अखिलेश, सपा ने क्यों बनाई गोरिल्ला रणनीति?
अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जाएंगे, जहां पथराव कांड के पीड़ितों से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि यह सरकार और प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिलाने में विफल रहा है. लेकिन समाजवादी पार्टी हर संभव तरीके से न्याय दिलाएगी. इसी क्रम में सपा ने प्रशासन को सूचना दिए बिना पीड़ितों तक पहुंचने के लिए अब 'गोरिल्ला रणनीति' अपनाई है. माना जा रहा है कि अखिलेश के इस दौरे से यूपी की राजनीति में गर्माहट आएगी.
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पथराव कांड के बाद सियासत गरमा गई है. अब सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने खुद गाजीपुर जाने का ऐलान किया है. इसी क्रम में उन्होंने पार्टी नेताओं को रणनीति बदलने को कहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी. इसके लिए अब गोरिल्ला रणनीति अपनानी होगी. अखिलेश यादव ने यह ऐलान शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में की.
उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को वह खुद गाजीपुर जाएंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वह घायल कार्यकर्ताओं से भी मिलकर उनका हालचाल जानेंगे. लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर अखिलेश यादव ने इस मामले में सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए. कहा कि गाजीपुर की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है. उन्होंने शासन और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में सरकार और प्रशासन विफल रहा है.
क्यों बदली रणनीति?
प्रेस कांप्रेंस में सपा प्रमुख ने अपने नेताओं से कहा कि अब तक कहीं भी जाने के लिए प्रशासन को सूचना दी जाती थी. इसलिए प्रशासन कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करता था. लेकिन अब रणनीति बदलनी होगी. पार्टी को अब “छापामार (गोरिल्ला) तरीके” से काम करना होगा. अब बिना बताए ही पीड़ितों के बीच जाना होगा और उनकी हर संभव मदद करनी होगी. इसमें किसी तरह के संकोच की जरूरत नहीं है.
इसलिए भड़के अखिलेश
गौरतलब है कि गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक लड़की की हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई थी. पीड़ित परिवार से मिलने गए सपा के एक प्रतिनिधिमंडल पर कथित तौर पर पथराव किया गया. इसमें पार्टी के कई नेता घायल हो गए थे. इस घटना से आक्रोशित अखिलेश यादव ने अब खुद गाजीपुर जाने की घोषणा की है. अखिलेश के इस ऐलान पर प्रदेश का राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. ऐसे में अब सभी की नजरें अखिलेश यादव के इस प्रस्तावित गाजीपुर दौरे पर टिकी हैं.
