फिर प्रेमानंद महाराज की शरण में विराट-अनुष्का, भक्तों के बीच बैठकर सुना प्रवचन; बोले- शांति चाहिए

क्रिकेटर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा मन की शांति के लिए एक बार फिर वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. उन्होंने आम भक्तों के बीच बैठकर प्रवचन सुनी, अपनी अशांति की वजह बताई और समाधान खोजा. इस सेलिब्रेटी जोड़े की सादगी ने सबको प्रभावित किया.

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा

इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का मन किन्हीं कारणों से अशांत है. शांति की तलाश में दोनों एक बार फिर मंगलवार को भगवान कृष्ण की रास स्थली वृंदावन पहुंचे हैं. दोनों इस बार भी संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में प्रवचन सुनने पहुंचे. जहां आम भक्तों के बीच करीब करीब दो घंटे तक अध्यात्म को ग्रहण करने की कोशिश की. इस दौरान दोनों ने प्रेमानंद महाराज के सामने अपनी बेचैनी की वजह बताई और समाधान पूछा.

इस सेलिब्रेटी जोड़े के पहुंचने की खबर सुनते ही आश्रम की ओर प्रशंसकों का रेला उमड़ पड़ा. पहले लगा कि दोनों अन्य वीआईपी की तरह महाराज के साथ एकांकिक चर्चा करेंगे, लेकिन दोनों ने सारे चकाचौंध को किनारे कर बेहद सादगी को अपनाया और आश्रम में पहुंच कर आम भक्तों के बीच जमीन पर ही बैठ गए. उनकी इस सहजता को देखकर आश्रम में मौजूद अन्य भक्त भी उनकी सादगी के कायल हो गए.

दो घंटे तक आश्रम में रहे विराट-अनुष्का

वृंदावन में परिक्रमा मार्ग स्थित प्रेमानंद महाराज के ‘श्री हित राधा केली कुंज’ आश्रम में विराट कोहली और अनुष्का अनुष्का शर्मा करीब दो घंटे तक रहे. जब दोनों आश्रम में पहुंचे तो वहां प्रेमानंद महाराज का प्रवचन चल रहा था. यह देखकर चुपचाप आए और भक्तों के बीच जहां जगह मिली, वहीं से प्रेमानंद महाराज को सिर झुकाकर प्रणाम किया और वहीं बैठकर प्रवचन सुनने लगे.

होटल में ठहरे हैं विराट-अनुष्का

जानकारी के मुताबिक प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बैठकर प्रवचन सुनने की इच्छा लिए विराट कोहली और अनुष्का शर्मा सोमवार की शाम को वृंदावन आ गए थे. दोनों यहां छटीकरा रोड स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं. इनके आने की सूचना पर पुलिस ने भी होटल के आसपास कड़ा पहरा लगा दिया था. वहीं जब दोनों होटल से आश्रम के लिए निकले तो पुलिस इनके चारो ओर सुरक्षा घेरा बना लिया था.

प्रशंसकों का किया अभिवादन

प्रवचन संपन्न होने के बाद दोनों ने प्रेमानंद महाराज से कुछ देर बात की और उनका आर्शीवाद लिया. इसके बाद दोनों अपनी कार में सवार होकर होटल के लिए निकल गए. इस दौरान उनके आने की खबर सुनकर परिक्रमा मार्ग पर बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच गए थे. इन्हें देखकर दोनों ने अपनी कार का शीशा नीचे कर हाथ हिलाते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया.