यूपी वालों को ठंड से मिलने जा रही राहत, इस तारीख से तापमान में होने लगेगा इजाफा

उत्तर प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गए हैं. एक पश्चिम विक्षोभ आज यानी 19 जनवरी को प्रदेश को प्रभावित करेगा. वहीं, दूसरे पश्चिमी विक्षोभ का असर यूपी में 21 जनवरी से नजर आएगा. इस दौरान तापमान में इजाफा और ठंड में कमी देखी जा सकती है.

यूपी में ठंड का हाल?

यूपी में अब भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. कई जिलों में तापमान 5 डिग्री के पास दर्ज किया जा रहा है. तकरीबन 25 जिलों में कोहरे को लेकर येलो अलर्ट है. इन जिलों में दृश्यता 100 से 200 मीटर दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिल सकती हैय

मौसम विभाग के मुताबिक आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर और संतकबीरनगर में घना कोहरा दर्ज किया जा सकता है.

ठंड में आएगी पहले के मुकाबले कमी

उत्तर प्रदेश में फिलहाल, दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गए हैं. इसमें एक पश्चिम विक्षोभ आज यानी 19 जनवरी को प्रदेश को प्रभावित करेगा. वहीं, दूसरे पश्चिमी विक्षोभ का असल असर यूपी में 21 जनवरी से नजर आएगा. माना जा रहा है, दोनो पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 4 दिनों में प्रदेश के अलग अलग जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी आएगी. लेकिन पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही तापमान में फिर कमी आ सकती है.

हरदोई रहा सबसे ठंडा जिला

पिछले 24 घंटे के दौरान हरदोई सबसे ठंडा जिला रहा. यहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया. फिर बाराबंकी, मेरठ, अयोध्या में 4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. वही, अगर अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी में सबसे ज्यादा 26.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. फिर, बांदा में 25.4, आगरा में 24.9, हमीरपुर में 24.2 और बहराइच में 23. 2 अधिकतम तापमान पाया गया.

इस मौसम में तबीयत खराब होने की आशंका ज्यादा

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखा जाएगा. इस तरीके स्थिति में तबीयत खराब होने की अधिक आशंका रहती है. ऐसे में जरूरी है अपने घर के अंदर का तापमान सामान्य बनाए रखें. जरूरत पड़ने पर ही घर से ही बाहर निकले और ऊनी कपड़े पहनने में कोताही ना बरतें. हल्की सी भी लापरवाही उतार-चढ़ाव वाले मौसम में भारी पड़ सकती है.