पत्नी को मारकर पहुंचा जेल, यहां कर दिया बड़ा खेल; जेलर के खाते से उड़ाए 30 लाख रुपये… हैरान कर देगी कहानी

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां पत्नी की हत्या के आरोप में बंद रामजीत यादव नामक कैदी ने जेलर के बैंक खाते से ₹30 लाख से अधिक की रकम उड़ा ली. उसने नकली हस्ताक्षर और पहचान का इस्तेमाल कर इस ठगी को अंजाम दिया है. इस खुलासे के बाद जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, और आरोपी कैदी व उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

आजमगढ़ जेल में ठगी Image Credit:

उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ की जेल में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. इस जेल में सुधरने के लिए आए एक कैदी ने ऐसा कांड किया है कि जेलर से लेकर पुलिस तक हैरान और परेशान है. अपनी ही पत्नी की हत्या के आरोप में बंद इस कैदी की हरकत को लेकर जेल समेत कई अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगी है. अब जेलर ने इस कैदी और उसके उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. इनमें में एक अन्य कैदी के अलावा दो जेल कर्मचारी भी हैं.

इस कैदी की पहचान जमुआ शाहगढ़ थाना स्थित गांव बिलरियागंज के रहने वाले रामजीत यादव के रूप में हुई है. इसने साल 2011 में अपनी पत्नी अनीता की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने उसे अरेस्ट कर जेल भेज दिया था, लेकिन छह साल बाद साल 2017 में उसे जमानत मिल गई. इसके बाद वह जेल से बाहर आकर नीतू नामक महिला से शादी की और अय्याशियां करने लगा. इसी बीच 24 फरवरी, 2023 को पत्नी की हत्या के आरोप में उसे सजा हो गई तो यह वापस जेल में आ गया.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

इस बार जेल में आने के बाद कैदी रामजीत यादव ने पहले जेल के प्रशासनिक कामकाज को समझा. इसमें भी खासतौर पर जेलर के हस्ताक्षर को कॉपी करना सीखा और एक दिन मौका मिलने पर चेकबुक उड़ा लिया. फिर 20 मई, 2024 को जब उसे दोबारा जमानत मिली तो वह जेल से बाहर जाने के बाद जेल के एकाउंट से पैसे निकालने लगा. वह खुद को जेल का ठेकदार बताता और कभी थोड़ी रकम तो कभी लाखों में निकासी करने लगा. इस प्रकार डेढ़ साल में उसने 30 लाख रुपये से भी अधिक की रकम पर कर दी.

ऐसे हुआ खुलासा

इसी बीच रामजीत ने बीते 22 सितंबर को जेलर के खाते से 2.60 लाख रुपये निकाले. इसका मैसेज जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह के मोबाइल पर आया तो उनका ध्यान गया. खोजबीन की गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. इसके बाद जेल प्रबंधन ने कैदी रामजीत यादव और पूर्व में उसके साथी कैदी रहे शिवशंकर उर्फ गोरख के अलावा जेल के वरिष्ठ सहायक मुशीर अहमद और चौकीदार अवधेश कुमार पांडेय के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है. इधर घटना की जानकारी होने पर डीजी जेल कार्यायल से जेल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगी है.

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